
छिंदवाड़ा। जिले में बारिष के दौरान आए दिन सर्पदंश के मामले सामने आ रहे है। सर्पदंष के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांष सर्पदंश के शिकार व्यक्ति या महिला झाड़-फूंक के चक्कर में रहते है। जिसके चलते इंसान की मौत हेा जाती है। जबकि शासन प्रशासन आए दिन समझाइस दे रहा है कि जैसे ही कोई भी इंसान सर्पदंश का शिकार हेाता है। उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल लेकर जाएं। जहां उसका इलाज कर उसकी जान बचाई जा सके। इसके बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में इंसान गलती कर बैठता है। सर्पदंश का शिकार इंसान अपनी जान से हाथ धो बैठता है। इसी तरह का एक मामला बिछुआ थाना क्षेत्र के मोया गांव से आया है। जहां सर्पदंश के शिकार व्यक्ति की झाड़-फूंके के चलते मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है।
जानकारी अनुसार गनाराम पिता तेजलाल धुर्वे उम्र 61 साल मोया बिछुआ का रहने वाला है। वह 6 अगस्त को गाय चराने सिंगारद्वीप के जंगल में गया था। इस दौरान वह सर्पदंश का शिकार हो गया। वह शाम को घर आ गया। खाना खाकर सो गया। दूसरे दिन उसने यह बात परिजनों को बताई। परिजन उसे तत्काल झाड़-फूंक कराने ले गए। दिन भर इसी चक्कर में घूमते रहे। शाम केा हालात बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां इलाज के दौरान 7 अगस्त की देर रात उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने दूसरे दिन शनिवार को पंचनामा कार्रवाई के बाद पीएम कर शव परिजनों को सौंप दिया।
