वाशिंगटन/तेहरान, (वार्ता) अमेरिका की पेयजल प्रणालियों को निशाना बनाकर किए गए संदिग्ध ईरानी साइबर हमलों ने अमेरिका के पुराने पड़ चुके पानी के बुनियादी ढांचे की गहरी कमजोरियों को उजागर कर दिया है। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब स्थानीय स्तर पर प्रबंधित हजारों जल आपूर्ति प्रणाली पर साइबर हमलों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
यह हमले एक बिखरी हुई प्रणाली की पुरानी कमजोरियों को दर्शाते हैं। यह जलापूर्ति पहले से ही पुराने बुनियादी ढांचे, जलवायु परिवर्तन और सीमित वित्तपोषण के दबाव में है। पर्यावरण संरक्षण एजेंसी के अनुसार, अमेरिका में 1,44,000 से अधिक सार्वजनिक जल प्रणालियां हैं, जिनमें लगभग 50,000 सामुदायिक जल प्रणालियां शामिल हैं जो साल भर पेयजल आपूर्ति करती हैं। स्वतंत्र रूप से प्रबंधित इनकी विशाल संख्या के कारण बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण करना, समान साइबर सुरक्षा मानक लागू करना और मौसम की चरम घटनाओं से निपटना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
अमेरिकन वाटर वर्क्स एसोसिएशन के संघीय संबंध प्रबंधक केविन मोर्ले ने कहा कि जल उपयोगिताएं अब जर्जर बुनियादी ढांचे और जलवायु परिवर्तन जैसी पुरानी चुनौतियों के साथ-साथ साइबर खतरों से भी एक साथ जूझ रही हैं। उन्होंने बताया कि निवेश के कई फैसले स्थानीय स्तर पर लिए जाते हैं क्योंकि ये सुविधाएं नगर पालिकाओं द्वारा तय की जाने वाली जल दरों पर निर्भर करती हैं, जिससे दरों में वृद्धि करना राजनीतिक रूप से कठिन होता है और यही पुराने ढांचे को अपग्रेड करने में बड़ा रोड़ा बनता है।
पर्ड्यू विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग के प्रोफेसर एंड्रयू व्हेलटन ने कहा कि यह समस्या केवल पुराने ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि कई सुविधाएं अब साइबर हमलों, जंगलों की आग और अन्य आपदाओं का सामना करने के लिए नई परियोजनाओं के डिजाइन में ही बदलाव कर रही हैं।
