भोपाल: राजधानी में एक बार फिर से आवासीय कालोनियों में व्यवसायिक गतिविधियों का मामला फिर से गर्मा गया है. आगे की कार्रवाई के लिए निगमआयुक्त ने विधानसभा बार नोडल अधिकारियों को नियुक्त किया है. इनके साथ भवन अनुज्ञा शाखा के कर्मचारी अधिकारी और जोन के कर्मचारी शामिल रहेगें. यह सभी निगम की सभी वैध अवैध कालोनियों की सर्वे करेंगे. इस दौरान वह तीन बिंदुओं पर फोकस करेंगे. जिसमें बिना परमीशन के निर्माण, परमिशन से अधिक निर्माण एवं आवासीय परमीशन में व्यवसायिक उपयोग की जानकारी जुटाई जाएगी. यह सब जानकारी सुप्रीमकोर्ट के आदेश के पालन में की जाएगी. अभी लगभग 15 दिनों तक सिर्फ सर्वेक्षण कर सभी को नोटिस देने की कार्रवाई की जाएगी.
सर्वेक्षण होने के बाद एक साथ होगी कार्रवाई
सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार आवासीय कालोनी में सील बंद करने की कार्रवाई अभी बंद रखी गई है. निगम के अधिकारियों का कहनाहै कि अगर अभी कार्रवाई करते हैं तो अन्य कालोनी में जो व्यवसायिक गतिविधियां चल रही है उनको लेकर जनता आपत्ति करेगी. इस लिए पहले शहर की सभी कालोनियों की जानकारी इकट्ठी कर ली जाए. जिसमें लगभग 15 दिन भी लग सकते हैं उसके बाद शहर में सभी पर एक साथ कार्रवाई की जाएगी.
विधानसभा बार नियुक्त नोडलअधिकारी
गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र — भुवन गुप्ता, उपायुक्त
हुजूर विधानसभा क्षेत्र ——अभिषेक सिंह अपर आयुक्त
नरेला और उत्तर विधानसभा क्षेत्र– वरुण अवस्था अपर आयुक्त
दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र —अन्जु अरुण कुमार अपरआयुक्त
मध्य विधानसभा क्षेत्र ——- अमन मिश्रा अपर आयुक्त
निगमायुक्त ने भवन अनुज्ञा के कर्मचारियों के साथ बैठक
बुधवार को निगमायुक्त संस्कृति जैन ने भवन अनुज्ञा शाखा की अत्यंतआवश्यक बैठक ली. जिसमें कर्मचारियों को पहली बार इतनी नाराज दिखीं. उन्होंने बैठक में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेश सील बंद करने के पालन को लेकर नाराजगी जाहिर की. क्योंकि सरकार के समिति गठित करने के आदेश के बाद से आवासीय कालोनियों में व्यवयायिक प्रतिष्ठानों को सील बंद करने की कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी गई थी. और तीन दिनों में जो सील बंद करने की कार्रवाई की गई थी. वह सभी प्रतिष्ठान फिर से शुरू हो गए थे. सूत्रों की माने तो नगर निगम के कर्मचारियों ने निगमायुक्त का यह नाराजगी वाला रुप पहली बार देखा था. अभी तक उन्होंने कभी किसी कर्मचारी पर इतनी नाराजगी नहीं की.
गुरुवार को सभी प्रतिष्ठान खुले
आवासीय कालोनी के रहवासियों को लग रहा था कि अब व्यवयायिक गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लग जाएगी. जिसके लिए नगर निगम कार्रवाई शुरू करेगा. लेकिन दूसरे दिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठान खुले रहे. जिसमें अरेरा कालोनी, रोहित नगर शामिल है
