नई दिल्ली। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने इंडिया एसएमई फोरम (आईएसएफ) की रिपोर्ट ‘डिजिटल भारत: इंडिया डिजिटल प्रोक्योरमेंट रिपोर्ट 2026’ जारी की। देशभर के 27,000 से अधिक पंजीकृत एमएसएमई पर आधारित इस सर्वेक्षण में डिजिटल खरीद को भारतीय एमएसएमई क्षेत्र के विकास का प्रमुख आधार बताया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत की एमएसएमई खरीद अर्थव्यवस्था का अनुमानित आकार 124.9 लाख करोड़ रुपये है। सर्वेक्षण में शामिल 80.4 प्रतिशत एमएसएमई का मानना है कि अगले तीन वर्षों में डिजिटल खरीद उनके कारोबार के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं, 75 प्रतिशत से अधिक एमएसएमई हर महीने 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक की खरीद करते हैं, लेकिन कुल खरीद का केवल 30 से 40 प्रतिशत हिस्सा ही डिजिटल माध्यमों से होता है।
रिपोर्ट में 37.3 प्रतिशत प्रतिभागियों ने मूल्य पारदर्शिता के आधार पर अमेज़न बिजनेस को सबसे भरोसेमंद डिजिटल खरीद मंच बताया, जबकि आपूर्तिकर्ताओं की गुणवत्ता के मामले में भी इसे सबसे अधिक प्राथमिकता मिली। औद्योगिक खरीद और एम्बेडेड फाइनेंस श्रेणी में मोग्लिक्स अग्रणी रहा।
रिपोर्ट जारी करते हुए शोभा करंदलाजे ने कहा कि डिजिटल खरीद से एमएसएमई की कार्यक्षमता बढ़ेगी, लागत कम होगी, नए बाजारों तक पहुंच आसान होगी और आपूर्ति श्रृंखला मजबूत बनेगी। रिपोर्ट में मूल्य अस्थिरता, कई आपूर्तिकर्ताओं का प्रबंधन, भुगतान एवं ऋण संबंधी समस्याओं तथा भरोसेमंद आपूर्तिकर्ताओं की कमी को एमएसएमई की प्रमुख चुनौतियां बताया गया है।
