इंदौर: जियोटेक्निकल क्षेत्र के प्रतिष्ठित 12वें इंटरनेशनल सिम्पोजियम ऑन फील्ड मॉनिटरिंग इन जियोमैकेनिक्स (आईएसएफएमजी 2026) का गुरुवार को रेडिसन ब्लू होटल के टर्ज़ाघी हॉल में शुभारंभ हुआ. पांच दिवसीय यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन इंडियन जियोटेक्निकल सोसायटी (आईजीएस) और आईएसएसएमजीई टीसी220 के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जिसकी मेजबानी आईआईटी इंदौर कर रहा है।
उद्घाटन समारोह में जल संसाधन मंत्री, मध्यप्रदेश शासन तुलसी राम सिलावट मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने जल संरचनाओं की सुरक्षा, डैम मॉनिटरिंग, रिजर्वॉयर निगरानी और आधुनिक इंस्ट्रूमेंटेशन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश जैसे राज्य में जहाँ व्यापक नहर और डैम नेटवर्क है, मध्य प्रदेश जैसे राज्य में जहाँ व्यापक नहर और डैम नेटवर्क है, रियल-टाइम फील्ड मॉनिटरिंग आवश्यक है. सम्मेलन की कन्वीनर प्रो. नीलिमा सत्यम ने स्वागत संबोधन दिया. आईजीएस अध्यक्ष एवं आईएसएसएमजीई एशिया के उपाध्यक्ष डॉ. अनिल जोसेफ, आईएसएसएमजीई बोर्ड सदस्य डॉ. मारवान अलज़ेलाए, टीसी220 कन्वीनर डॉ. एंड्रयू रिडले और सचिव डॉ. पॉल बार्टन ने जियोटेक्निकल सुरक्षा एवं वैश्विक तकनीकी सहयोग पर विचार रखे. इस अवसर पर आईएसएफएमजी 2026 बुक ऑफ एब्स्ट्रैक्ट्स का विमोचन किया गया, जिसमें 130 से अधिक शोध-पत्रों के सार शामिल हैं. साथ ही लैंडस्लाइड बुक, स्मार्ट सिटी बुक और आईएसएल 2028 की वेबसाइट का भी लोकार्पण किया गया.
250 से ज्यादा विशेषज्ञ भाग ले रहे
सम्मेलन में 30 से अधिक देशों के 250 से ज्यादा विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। फाइबर-ऑप्टिक सेंसिंग, एआई आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम, लैंडस्लाइड मॉनिटरिंग, बायोजियोटेक्निक्स और स्मार्ट सिटी एप्लीकेशंस जैसे विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित होंगे. कार्यक्रम के बाद मुख्य अतिथि ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जिसमें जियोटेक्निकल मॉनिटरिंग उपकरण और समाधान प्रदर्शित किए गए. आईएसएफएमजी का समापन 10 अगस्त को आईआईटी इंदौर में होगा.
