त्योहारों पर बाजारों में जबरन वसूली नहीं कर पाएंगे किन्नर

इंदौर: शहर में त्योहारों पर किन्नर जबरन वसूली नहीं कर पाएंगे. इसका कारण यह है कि इंदौर कपड़ा मार्केट एसोसिएशन ने रक्षाबंधन से लेकर दूसरे त्यौहार पर नेग की राशि तय कर दी है. इसके तहत हर दुकान से राखी और होली पर दो सौ और दीपावली पर 5 सौ रुपए किन्नरों को दान दिया जाएगा.त्योहारों पर किन्नर समुदाय द्वारा नेग की बढ़ती राशि की मांग से परेशान होकर शहर के कपड़ा व्यापारियों ने फैसला किया है. इस रक्षाबंधन पर क्लॉथ मार्केट एसोसिएशन द्वारा किन्नरों को प्रति दुकान दो सौ ही दिए जाएंगे. दरअसल, रक्षाबंधन पर हर साल रिहायशी इलाकों के अलावा तमाम बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठानों से किन्नरों द्वारा जबरिया वसूली जाने वाली नेग व दान राशि एक हजार से लेकर ढाई हजार रुपए तक मांगी जाती है.

इस कारण हर साल बाजारों में दुकानदारों और किन्नरों के बीच विवाद की स्थिति बनती है. उक्त विवाद की स्थिति से निपटने के लिए पिछले साल ही नंदलालपुरा के दोनों किन्नर समूहों व इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के बीच आपसी सहमति बनी थी. आपसी सहमति के तहत व्यापारिक एसोसिएशन ने रक्षाबंधन एवं होली पर प्रति दुकान दो सौ रुपए तथा दीपावली पर 5 सौ रुपए किन्नरों की नेग राशि तय की गई थी. इस साल फिर किन्नरों द्वारा अधिक राशि की मांग के चलते एसोसिएशन ने किन्नरों को पिछले साल बनी सहमति याद दिलाई. सभी व्यापारियों से नंदलालपुरा के दोनों किन्नर समूह के लोगों को दो सौ रुपए प्रति दुकान रक्षाबंधन पर देने का फैसला किया है.

निर्धारित नेग से त्यौहार पर शांति और भाईचारा बना रहे
गारमेंट्स एसोसिएशन अध्यक्ष अक्षय जैन ने बताया कि आगामी रक्षाबंधन, होली व दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों के मद्देनज़र इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन ने शहर के व्यापारी बंधुओं से अपील की है कि किन्नर समुदाय के साथ पूर्व में निर्धारित नेग राशि ही दान करें.

किन्नर गुरु मंगला बोलीं-विवाद की कोई स्थिति नहीं
उक्त मामले में किन्नर गुरु मंगला गौरी नंद गिरी का कहना है कि शुरुआत से ही क्लॉथ मार्केट से हमारे द्वारा इतनी ही दान राशि ली जा रही है. बाजार में विवाद अथवा अधिक मांग जैसी कोई बात नहीं है.

शहर में किन्नरों द्वारा लगातार बढ़ाई जा रही है दान राशि की मांग
इंदौर में हजारों की संख्या में व्यापारिक प्रतिष्ठान और आवासीय इलाके हैं. शहर में नंदलालपुरा के दो किन्नर समुदाय विभिन्न समूहों में अलग-अलग क्षेत्र को आपस में बांटकर नेग लिया जाता है, जो की सलाना करोड़ों रुपए होता है. वहीं हर त्योहार और विभिन्न अवसरों पर प्रति घर और दुकानों से किन्नरों द्वारा न्यूनतम 500 रुपए से लेकर 2100 रुपए तक मांग की जाती है. साथ ही घरों में बच्चों के जन्म, शादी विवाह के अवसर पर यह राशि 50000 से लेकर 51000 तक हो जाती है.

ऐसी स्थिति में कई लोग इतनी राशि नहीं दे पाते है और उस दौरान किन्नरों द्वारा गंदी गालियां और अशोभनीय व्यवहार किया जाता है. कई बार मारपीट की नौबत आ जाती हैं. विगत दिनों इंदौर के तुलसी नगर में 51000 हजार रुपए की मांग पूरी नहीं होने के कारण किन्नरों ने जबरदस्ती घर में घुसकर अश्लील हरकतें शुरू कर दी थी. एक महिला को बाल पकड़ कर नीचे गिरा दिया था और उसके हाल ही में जन्मे बच्चे को जान से मारने की धमकी दे दी गई थी. इतना ही नहीं घर में घुसकर किन्नरों ने समान तहस-नहस कर दिया था. मारपीट के इस मामले में किन्नरों के खिलाफ थाने मामला भी दर्ज हुआ था और इसके बाद पुलिस ने समझौता कराया था.

 

हाईकोर्ट का आदेश किन्नरों को वसूली का अधिकार नहीं
देश में ऐसे कई मामलों से परेशान लोगों की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने 28 जून 2026 को याचिका दायर की गई थी. हाइकोर्ट ने उक्त मामले में महत्वपूर्ण फैसले देते हुए आदेश दिए थे कि किन्नर समुदाय को मांगलिक अवसरों पर जबरन नेग या बधाई वसूली का कानूनी अधिकार नहीं है. अदालत ने इसे भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक कृत्य बताया है. कोर्ट ने आदेश में कहा है कि किन्नर समुदाय के पास पारंपरिक रूप से नेग या बधाई मांगने का कोई संवैधानिक या कानूनी अधिकार नहीं है.

Next Post

श्रीलंका दौरे पर टीम इंडिया की मुश्किलें बढ़ीं, अभ्यास के दौरान चोटिल हुए कप्तान शुभमन गिल

Fri Aug 7 , 2026
नयी दिल्ली, श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट से ठीक पहले भारतीय कप्तान शुभमन गिल अभ्यास सत्र में चोटिल हो गए, जिससे अब टीम की चिंता बढ़ गई है। प्रैक्टिस करते वक्त उनके हाथ में गेंद लग गई। श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट से ठीक पहले भारतीय कप्तान शुभमन गिल अभ्यास […]

You May Like