
बालाघाट, बालाघाट जिले में आदमखोर बाघिन के हमले में हुई मौतों को लेकर सियासत तेज हो गई है। परसवाड़ा के पूर्व विधायक और जिले के पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने मांग की है कि बाघिन के हमलों में मारे गए सभी 4 ग्रामीणों के परिवारों को सरकार 50-50 लाख रुपये मुआवजा दे।
घटना शनिवार 1 अगस्त की रात परसवाड़ा तहसील के ग्राम पंचायत कुमादेही अंतर्गत पर्रापुर गांव की है। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के बफर जोन से लगे पर्रापुर बैगाटोला में रात करीब 1 से 1:30 बजे एक बाघिन घर में घुस आई। घर में दरवाजा न होने का फायदा उठाकर बाघिन ने 45 वर्षीय सुगनी बाई धुर्वे पर हमला कर दिया और उन्हें मुंह में दबाकर बाहर ले गई। चीख-पुकार सुनकर परिजन जागे और टॉर्च लेकर पीछा किया। हल्ला सुनकर बाघिन महिला को खेत में छोड़कर भाग गई, लेकिन तब तक सुगनी बाई की मौत हो चुकी थी।
जानकारी के मुताबिक यह इसी आदमखोर बाघिन के हमले से चौथी मौत है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के आक्रोश के बाद कान्हा उद्यान की टीम ने बाघिन का रेस्क्यू कर उसे वनविहार भोपाल भेज दिया है।
*”सरकार की लापरवाही से गई जान”*
घटना स्थल पर पहुंचे कंकर मुंजारे ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संरक्षित बैगा/आदिवासियों के उत्थान के लिए सरकार तमाम योजनाओं का दावा करती है, लेकिन यहां लोगों को अब तक पक्का मकान नहीं मिला। चंद रुपये बकाया होने पर सिंगल लाइन बिजली कनेक्शन काट दिया गया। न कोई अधिकारी आया न कोई जनप्रतिनिधि।
मुंजारे ने मांग की कि बाघिन के हमलों में मारे गए 4 लोगों और मवेशियों के नुकसान पर सभी पीड़ित परिवारों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। साथ ही उन्हें पक्का आवास, बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
