इटारसी। नर्मदापुरम स्थित सर्किट हाउस में प्रभारी मंत्री राकेश सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जिला कोर कमेटी की बैठक में भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दे प्रमुखता से उठाए। बैठक में मूंग उपार्जन, खाद की उपलब्धता, ई-टोकन व्यवस्था और सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति पर विस्तार से चर्चा हुई।
भारतीय किसान संघ ने बताया कि शासन द्वारा मूंग की खरीदी तीन क्विंटल प्रति एकड़ तय किया जाना स्वागत योग्य कदम है, लेकिन स्लॉट रद्द होने के बाद दोबारा बुकिंग की सुविधा नहीं होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही खरीदी केंद्रों की दैनिक क्षमता बढ़ाने की भी मांग की गई, ताकि अधिक किसानों की उपज समय पर खरीदी जा सके।
बैठक में खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता भी उठाई गई। किसान संघ ने कहा कि ई-टोकन प्रणाली को सरल बनाया जाए तथा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए। इस पर प्रभारी मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
किसानों ने धान की फसल के मद्देनजर कम से कम 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि वर्षा की कमी के कारण सिंचाई पूरी तरह बिजली पर निर्भर है और पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिलने से फसल प्रभावित हो सकती है।
बैठक में सांसद दर्शन सिंह चौधरी, विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा, विजयपाल सिंह, ठाकुरदास नागवंशी, प्रेमशंकर वर्मा सहित भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को रोकने का आरोप, गेट बंद करने पर हुआ विवाद
कृषि उपज मंडी इटारसी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम समाप्त होने से पहले बाहर जाने की कोशिश करने पर मंडी के दोनों गेट बंद करा दिए गए। किसानों का कहना था कि कार्यक्रम शुरू होने में देरी होने के कारण कई लोग लौटना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोकने का प्रयास किया गया।
खबर के अनुसार, मंडी सचिव द्वारा कर्मचारियों को गेट बंद रखने के निर्देश दिए जाने का आरोप लगाया गया। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने भी लोगों को रुकने के लिए कहा, जिस पर कुछ किसानों और पुलिस के बीच बहस हुई। किसानों ने कहा कि यदि उन्हें रोकने का कोई लिखित आदेश है तो वह दिखाया जाए।
