इटारसी। जिले में आज ब्लॉक एवं जनशिक्षा केंद्र स्तर पर बीआरसी और सीएसी के रिक्त पदों पर होने वाली काउंसलिंग को नियम विरुद्ध बताते हुए विभिन्न शिक्षक संघों ने रोक लगाने की मांग की है। ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष सुषमा मौर्य, राज्य शिक्षक संघ की महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष मोनिका जोशी, जिलाध्यक्ष उमेश ठाकुर तथा समग्र शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री जेपी शुक्ला एवं पदाधिकारियों ने इस संबंध में कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, डीईओ, डीपीसी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
नियमों की अनदेखी का आरोप
ज्ञापन में शिक्षक नेताओं ने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग और राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशानुसार प्रतिनियुक्ति की अवधि अधिकतम 4 वर्ष होती है। इसके बाद कर्मचारी को मूल संस्था में वापस भेजा जाना चाहिए। आरोप है कि जिले में कई बीएसी और सीएसी पिछले 15-16 वर्षों से एक ही पद पर जमे हुए हैं। इस बार भी बिना लिखित आदेश के केवल मौखिक निर्देशों के आधार पर काउंसलिंग कराई जा रही है।
संगठनों की प्रमुख मांगें
• आज प्रस्तावित काउंसलिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए।
• अवधि पूर्ण कर चुके कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर वास्तविक रिक्त पदों की सूची पुन: जारी की जाए।
• नियमानुसार पारदर्शी प्रक्रिया अपनाकर काउंसलिंग कराई जाए।
• उच्च पद प्रभार प्राप्त माध्यमिक शिक्षकों को भी इस काउंसलिंग में आवेदन करने का अवसर दिया जाए।
शिक्षक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि नियमों की अनदेखी कर काउंसलिंग कराई गई तो वे उच्च न्यायालय की शरण में जाने के लिए बाध्य होंगे।
