
शाजापुर, नगर का एकमात्र जलस्त्रोत चीलर बांध का जलस्तर लगातार घट रहा है और नगर में जलसंकट दस्तक दे रहा है, जिसकी आहट किसी को सुनाई नहीं दे रही. इधर नगर में होने वाले जल वितरण वाले दिन हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह जाता है, जिसकी कोई सुध लेने वाला नहीं है, क्योंकि नगर में कई ऐसे शासकीय व निजी नल है जो टोटी विहन है.
वर्तमान में चीलर बांध में एक फीट पानी भी शेष नहीं है और मानसूनी बारिश के मामले में पूरा मालवांचल सूखा पड़ा है, पिछले 20 दिनों से नगर में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है. हालांकि अब तक तो नगरवासियों को समय से जल वितरण किया जा रहा है, लेकिन यदि जल्द ही बारिश नहीं होती है तो नगरवासियों को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ सकता है. लेकिन पानी की बर्बादी रोकने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाए गए हैं.
बांध में एक फीट भी पानी नहीं
नगर में चीलर बांध के माध्यम से जल वितरण किया जाता है.जिसकी क्षमता 23 फीट है. वर्तमान में चीलर बांध में एक फीट पानी भी शेष नहीं है और उसमें टीले नजर आ रहे हैं. इधर श्रावण माह में भी बादलों की बेरूखी लोगों की चिंता बढ़ा रही है. मौसम विभाग की माने तो 10 अगस्त तक बारिश की भी कोई संभावना नहीं है. यही नहीं गत वर्ष भी चीलर बांध में 11 फीट ही जलभराव हो सका था जिसके कारण फसलों के लिए पानी नहीं दिया जा सका था.
बिन टोटियों के नलों से हो रही पानी की बर्बादी
नगर में नपा द्वारा शहरवासियों से जलकर की वसूली अभियान चला रही है. वहीं दूसरी ओर रोजाना हजारों लीटर पेयजल बर्बाद हो रहा है. कई सरकारी नलों पर टोंटियां नहीं लगी हैं, जिसके कारण जल वितरण के दौरान पानी बहता रहता है. नगर पालिका के आंकड़ों के अनुसार शहर में लगभग 13 हजार नल कनेक्शन हैं. इनमें से करीब ढाई से तीन हजार शासकीय नल आमजन की सुविधा के लिए लगाए गए है. इन शासकीय नलों में बड़ी संख्या में ऐसे नल शामिल हैं जिनकी टोंटियां गायब हैं या पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं. परिणामस्वरू हर दिन जलापूर्ति के समय बड़ी मात्रा में पानी बिना उपयोग के बह जाता है.
इनका कहना है
समय-समय पर अभियान चलाकर टोंटियां लगाई जाती हैं. जल्द ही दोबारा विशेष अभियान चलाकर सभी खराब और बिना टोंटी वाले नलों को दुरुस्त किया जाएगा.
भूपेंद्र कुमार दीक्षित, सीएमओ, नपा, शाजापुर
