
सिंगरौली : जिले की राजस्व व्यवस्था को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक संतुलन पर सवाल उठने लगे हैं। नगर क्षेत्र में दो-दो तहसीलदारों की पदस्थापना होने के बावजूद कई ग्रामीण तहसीलें नियमित तहसीलदार के बिना संचालित हो रही हैं। इससे ग्रामीण अंचलों में राजस्व संबंधी मामलों के निराकरण में विलंब होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
वर्तमान में बैढ़न तहसील में तहसीलदार सविता यादव पदस्थ हैं, जबकि हाल ही में नायब तहसीलदार से पदोन्नत हुए अभिषेक यादव की पदस्थापना पंजरेह सर्किल में है। पंजरेह सर्किल का कार्यालय पचौर स्थित तहसील भवन से संचालित होता है। पंजरेह और तहसील कार्यालय पचौर की दूरी महज 30 किलोमीटर से ज्यादा है। इसके विपरीत माड़ा, सिंगरौली ग्रामीण, देवसर और बरगवां जैसी महत्वपूर्ण ग्रामीण तहसीलों में नियमित तहसीलदार नहीं हैं।
इन तहसीलों का संचालन नायब तहसीलदारों के भरोसे किया जा रहा है। प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवाद, नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और अन्य राजस्व प्रकरण बड़ी संख्या में लंबित रहते हैं, जिससे आम लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। क्षेत्र के नागरिकों ने मांग की है कि नगर क्षेत्र में पदस्थ दो तहसीलदारों में से एक अधिकारी को तत्काल किसी ग्रामीण तहसील में पदस्थ किया जाए। उनका कहना है कि इससे राजस्व व्यवस्था में संतुलन बनेगा, लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण होगा और ग्रामीण अंचल के लोगों को समय पर न्याय एवं प्रशासनिक सुविधाएं मिल सकेंगी। कलेक्टर से इस दिशा में शीघ्र निर्णय लेने की अपेक्षा की जा रही है।
