नई दिल्ली, गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (RGI) कार्यालय ने देश के बर्फीले और दुर्गम हिमालयी क्षेत्रों के लिए जनगणना का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है। इन पहाड़ी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रतिकूल मौसम और भारी बर्फबारी की संभावना को देखते हुए यह प्रक्रिया देश के अन्य हिस्सों से पहले पूरी की जा रही है।
बर्फीले इलाकों के लिए विशेष शेड्यूल और तारीखें
सेंसस एक्ट 1948 के तहत जारी अधिसूचना के मुताबिक, इन क्षेत्रों में आबादी की मुख्य गिनती 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक की जाएगी, जबकि डेटा सत्यापन के लिए रिविजनल राउंड 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर 2026 के बीच होगा। इसके अलावा, नागरिकों की सुविधा के लिए 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026 के बीच ऑनलाइन सेल्फ-न्यूमरेशन (खुद से गिनती) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है, जिसकी रेफरेंस तारीख 1 अक्टूबर 2026 तय की गई है।
डिजिटल तकनीक और पारदर्शी प्रक्रिया पर जोर
इस बार की जनगणना पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से संपन्न कराई जा रही है, जिसमें हैंडहेल्ड डिवाइस, जियो-टैगिंग और ‘सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम’ (CMMS) का उपयोग किया जा रहा है। देश भर में डेटा संग्रह के लिए करीब 32 लाख फील्ड कर्मचारियों को तैनात किया गया है ताकि भौगोलिक और मौसमी चुनौतियों के बावजूद सटीक आंकड़े जुटाए जा सकें।

