नयी दिल्ली, 3 अगस्त (वार्ता) सरकार ने सोमवार को संसद में बताया कि देश में लगभग सर्वत्र बैंकिंग कवरेज हासिल हो चुका है और 99.92 प्रतिशत गांवों के लिए बैंकिंग सेवाएं सुलभ हो गयी हैं।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में बैंकों द्वारा जन धन दर्शक (जेडीडी) ऐप पर अपलोड किए गए आंकड़ों के हवाले से बताया कि 99.92 प्रतिशत आबाद गांवों (6,01,328 में से 6,00,868) के लिए अब पांच किमी के दायरे में एक बैंकिंग शाखा (बैंक, बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट अथवा इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) मौजूद है। उन्होंने 17 जुलाई तक के आंकड़ों के आधार पर बताया कि सर्वत्र बैंकिंग कवरेज को 1.81 लाख से अधिक बैंक शाखाओं, 17.36 लाख बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स (बीसी) और 1.65 लाख आईपीपीबी केंद्रों के मजबूत बुनियादी ढांचे से मदद मिल रही है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की सुलभता सुनिश्चित करने के लिए, सरकार का प्रयास है कि देश के सभी आबाद गांवों के 5 किलोमीटर के दायरे में एक बैंकिंग केंद्र (बैंक शाखा/बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट/इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक) उपलब्ध हो। रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वाणिज्यिक बैंकों, लघु वित्त बैंकों, भुगतान बैंकों, स्थानीय क्षेत्र बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को पूर्व अनुमति के बिना देश में कहीं भी बैंक शाखाएं खोलने की अनुमति दी है, बशर्ते कि 25 प्रतिशत शाखाएं बैंकिंग सुविधाओं से वंचित ग्रामीण क्षेत्रों में हों।
वित्त राज्यमंत्री ने यह भी बताया कि 17 जुलाई की तारीख तक पीएम जन धन योजना के तहत देश में कुल 58.77 करोड़ बैंक खाते खोले गये हैं, इनमें 3,12,414 करोड़ रुपये की राशि जमा है।
उन्होंने यह भी बताया कि आरबीआई और बैंक साइबर अपराध की रोकथाम के लिए एसएमएस, रेडियो अभियान और प्रचार के माध्यम से जागरूकता अभियान चला रहे हैं। इसके अलावा, आरबीआई धोखाधड़ी और जोखिम कम करने के उपायों पर ध्यान केंद्रित करते हुए इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग जागरूकता और प्रशिक्षण (ई-बीएएटी) कार्यक्रम भी आयोजित कर रहा है।
