नयी दिल्ली, 03 अगस्त (वार्ता) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से चढावा चोरी तथा छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर संसद में जवाब देने की मांग की है।
श्री खरगे ने सोमवार को यहां संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि सरकार सदन में बहस से बच रही है और उसका यह प्रयास संसद, लोकतंत्र और जनता का अपमान है। उनका कहना था कि श्री मोदी और श्री शाह संसद में आकर बताएं कि चढावा चोरी और छात्रों पर लाठीचार्ज, पैलेट गन तथा आंसू गैस के इस्तेमाल की नौबत क्यों आई।
उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में बहस होती है और विपक्ष के सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन प्रधानमंत्री सदन में आकर जवाब देने से बच रहे हैं। प्रधानमंत्री को छात्रों को डराने-धमकाने की बजाय उनसे माफी मांगनी चाहिए।
श्री खरगे ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग किया गया और अब उन्हें डराया जा रहा है। उनका कहना था कि छात्र देश के दुश्मन नहीं हैं, बल्कि वे अपने अधिकारों और भविष्य की चिंता को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने सरकार पर बेरोजगारी, महंगाई और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश का आरोप लगाया और कहा कि सरकार प्रदर्शन कर रहे छात्रों के परिवारों को डराने और मुद्दों को भटकाने का प्रयास कर रही है।
चढ़ावा चोरी विवाद पर उन्होंने कहा कि जनता द्वारा दिए गए दान और श्रद्धा से जुड़ी चीजों पर उठे सवालों का जवाब पारदर्शिता के साथ दिया जाना चाहिए। विपक्ष किसी पर आरोप नहीं लगा रहा लेकिन जनता के सामने सच्चाई आनी चाहिए। उनका यह भी कहना था कि विपक्ष का आंदोलन जनता की भावना के अनुरूप है और जब तक इन मुद्दों पर जवाबदेही तय नहीं होती, यह संघर्ष जारी रहेगा।
कांग्रेस अध्यक्ष ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि श्री मोदी सदन में नहीं आते हैं और सवालों का जवाब भी नहीं देते और न ही राम मंदिर चढ़ावा विवाद तथा छात्रों पर हुई कार्रवाई पर कुछ बोलते हैं। उन्होंने भाजपा पर लोकतंत्र को कुचलने का आरोप लगाया और कहा कि मासूम बच्चे देशद्रोही नहीं हैं।
