
दमोह। दमोह कृषि उपज मंडी समिति में सोमवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) व भारसाधक अधिकारी सौरभ गंधर्व की अध्यक्षता में व्यापारी संघ, हम्माल संघ, किसान संगठनों और मंडी प्रशासन की संयुक्त बैठक आयोजित हुई। बैठक में मंडी की व्यवस्था, सुरक्षा और सुचारु संचालन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।बैठक में किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री गोपाल पटेल, भारतीय किसान संघ के राम पटेल, व्यापारी संघ अध्यक्ष नरेंद्र बजाज, भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष महराज सिंह, हम्माल संघ अध्यक्ष रामेश्वर चौधरी सहित व्यापारी, हम्माल व मंडी प्रशासन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय
किसी भी संगठन द्वारा प्रदर्शन, धरना या मंडी बंद का निर्णय लेने से पहले कम से कम एक सप्ताह पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित अवधि में मांगों का समाधान नहीं होता है, तभी आगे की कार्रवाई की जाएगी।
किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी संगठन की आड़ लेकर अनधिकृत रूप से मंडी बंद कराने या नीलामी बाधित करने का प्रयास करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मंडी परिसर में बने विश्राम गृहों का संचालन व निगरानी मंडी समिति करेगी तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
मंडी परिसर में आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों को किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं दिया जाएगा और किसानों के हितों को प्रभावित करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
व्यापारी व हम्माल संघ बिना पूर्व सूचना के मंडी बंद या नीलामी प्रभावित नहीं करेंगे।
मंडी परिसर में चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस, राजस्व व मंडी कर्मचारियों का संयुक्त दल गठित किया जाएगा तथा चोरी करते पाए जाने वाले व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।
मंडी से संबंधित सोशल मीडिया पर भ्रामक या अफवाह फैलाने वाली जानकारी प्रसारित करने वालों के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मंडी परिसर में स्थित पूजा स्थल की आस्था का सम्मान बनाए रखते हुए किसी प्रकार का अतिक्रमण या विवाद उत्पन्न नहीं होने दिया जाएगा।
बैठक में व्यापारी संघ ने मंडी संचालन के समय को लेकर भी अपना पक्ष रखा, जिस पर उपस्थित सदस्यों ने सहमति व्यक्त की।
*हम्माल संघ अध्यक्ष ने जताया खेद*
बैठक के दौरान हम्माल संघ अध्यक्ष रामेश्वर चौधरी ने कहा कि यदि उनके किसी व्यवहार या कथन से व्यापारी प्रतिनिधि मनोज जैन सहित किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं। उन्होंने अपने शब्द वापस लेते हुए सभी से क्षमा भी मांगी।
बैठक के अंत में मंडी प्रशासन ने सभी पक्षों से सहयोग बनाए रखने तथा किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।
