इंदौर: रविवार को एक पेड़ माँ के नाम अभियान में नगर निगम ने कृषि महाविद्यालय में 15 हजार पौधे लगाए. इस दौरान महाविद्यालय परिसर में दो हजार फलदार और शेष मालवा की मिट्टी के अनुकूल पौधों का रोपण किया गया. नगर निगम द्वारा इस साल 21 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है. उसी के तहत शहर में अलग-अलग जगहों पर पौधे लगाए जा रहे हैं.
रविवार को नगर निगम द्वारा शहर के पूर्वी क्षेत्र में स्थित कृषि कॉलेज में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसके तहत कॉलेज परिसर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की मौजूदगी में 15 हजार से ज्यादा पौधे लगाए गए. गौरतलब है शहर में हरीत क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए जलवायु अनुकुल करीब 5 से लेकर 10 फीट तक के पौधों का रोपण शहर के विभिन्न हिस्सों में किया जा रहा है. पौधारोपण अभियान के तहत कृषि महाविद्यालय में 2 हजार फलदार पौधों का और शेष मालवा की मिट्टी के अनुकूल पौधों का रोपण किया गया. पौधाारोपण कार्यक्रम में भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर, कॉलेज डीन डॉ. भारत सिंह,पार्षद लक्ष्मी अनिल गौहर, पार्षद राजीव जैन सहित बड़ी संख्या में आम लोगों ने पौधारोपण किया.
देश को कृषि वैज्ञानिकों की भी जरूरतः विजयवर्गीय
इस मौके पर मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि श्राफ सर से चर्चा करने के लिए आता था. उस समय भी पहला चैलेंज यह था कि जनसंख्या बढ़ रही है और खेती की जमीन कम हो रही है. हमें कम जमीन में ज्यादा उत्पादन करना चाहिए. दूसरा चैलेंज यह कि रसायनों से खेती हो रही है, जो हमारे स्वास्थ के लिए हानिकारक है. दूसरा जैविक खेती को बढ़ावा देना होगा. यह बात सही है आर्गेनिक खेती का उत्पादन कम होता है, लेकिन उसके प्रोडक्ट के दाम भी ज्यादा मिलते हैं.
पहले आदिवासी इलाकों में आदिवासी लोग बीमार नहीं होते थे. वहां हॉस्पीटल भी नहीं थे. आर्गेनिक खेती से वे लोग निरोगी रहते थे. रासायनिक खेती से सभी बीमारी होने लगी जो आम शहरी लोगों को हो रही है. हमें आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए रिसर्च करना चाहिए. यदि हम प्राकृतिक खेती करेंगे तो हमारा मेडिकल का खर्चा काफी कम हो जाएगा. उन्होंने युवाओं से कहा कि देश को जितनी इंजीनियर और डॉक्टर की जरूरत है उतनी ही कृषि वैज्ञानिकों की भी जरूरत है.
