तिरुवनंतपुरम, एक अगस्त (वार्ता) केरल में शनिवार को इस मौसम की सबसे भीषण मानसूनी बारिश हुई, जिससे राज्य के लोगों को भूस्खलन, अचानक बाढ़ और दूसरी दिक्क्तों का सामना करना पड़ा। राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है, जबकि कई अन्य लोग लापता या फंसे हुए बताए जा रहे हैं और कई ज़िलों में बचाव कार्य जारी है।
शनिवार को इडुक्की और कोट्टायम में बारिश से जुड़ी आपदाओं में चार और लोगों की मौत हो गई, जिससे राज्य भर में मरने वालों की कुल संख्या आठ हो गई है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने से चार ज़िलों में बाढ़ का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। विभिन्न स्रोतों के अनुसार, मरने वालों में इडुक्की में दो, कोट्टायम में तीन और मलप्पुरम, कन्नूर व कासरगोड में एक-एक व्यक्ति शामिल है।
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने बताया कि भारतीय तटरक्षक बल ने नौसेना की मदद से तिरुवनंतपुरम के मुथालापोझी तट पर समुद्र में लापता हुए दो लोगों की तलाश जारी रखी गयी है।
भारी बारिश ने पूरे राज्य में ट्रांसपोर्ट और रोज़मर्रा की ज़िंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया। भूस्खलन और सड़क खराब होने के कारण ईराट्टुपेट्टा-वागामोन रोड पर ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया।
कोट्टायम ज़िले के पूर्वी हिस्सों में मूननिलावु, कूट्टिकल, मीनाचिल और कांजिरापल्ली से भूस्खलन की खबरें आईं। मणिमाला नदी के उफान पर आने के बाद पथनमथिट्टा ज़िले के रानी, कूट्टिकल, ईराट्टुपेट्टा, थोडुपुझा, मुन्नार, केके रोड के कुछ हिस्सों और पुनालुर-मुवाट्टुपुझा रोड पर कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया।
मौसम विज्ञान विभाग ने नौ ज़िलों पथानामथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, त्रिशूर, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें 24 घंटों के भीतर 204 मिमी से ज़्यादा भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलाप्पुझा, एर्नाकुलम और पलक्कड़ के लिए ऑरेंज अलर्ट लागू है, जहां 24 घंटों के भीतर 115.6 मिमी से 204.4 मिमी के बीच बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हालांकि रविवार को बारिश की तेज़ी थोड़ी कम होने की उम्मीद है, लेकिन विभाग ने पथनमथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इन इलाकों में 24 घंटे के अंदर 110 मिलीमीटर तक की बारिश होने का अनुमान लगाया गया है
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कम समय में तेज़ बारिश से अचानक बाढ़, भूस्खलन, पहाड़ी नालों में उफान, बिजली गिरने और भारी जलभराव जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। उन्होंने नदी के किनारे और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की है।
राज्य सरकार ने आपातकालीन उपायों को और तेज़ कर दिया है। इसके तहत आपदा प्रतिक्रिया टीमों को तैनात किया गया है, ज़रूरत पड़ने पर राहत शिविर खोले जा रहे हैं और सभी ज़िला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है, क्योंकि अगले 24 घंटों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।
