सूखे की आहट के बीच जिले से रूठे बादल

रीवा: प्रदेश के अन्य जिलो में जहा बारिश हो रही है वहीं विंध्य में सूखे की आहट है. लक्ष्य के अनुरूप खरीफ की बोनी नही हो पाई है. पानी के अभाव में किसान धान की रोपाई नही कर पा रहे है. धान का जो रोपा डाला गया था वह सूखने लगा है. कुछ किसान मोटर पम्प के सहारे खेत में पानी भर कर धान की रोपाई करने में लगे हुए है. जिले में अभी तक बहुत कम वर्षा हुई है जो कि सामान्य से बहुत कम है.जिले में लक्ष्य के अनुरूप धान की बोनी नही हो पाई है, इसका सिर्फ कारण बारिश है. पूरे आषाढ़ में बारिश नही हुई किसान वर्षा के इंतजार में बैठे रहे. कुछ लोगो ने खेतों में छीट कर धान की बोनी कर दी थी. लेकिन जिन्हे धान का रोपा लगाना है वह वर्षा के इंतजार में अभी भी है. अगर जल्द ही वर्षा नही होती तो धान का रोपा खराब हो जाएगा.

धान की बोनी का जो लक्ष्य दिया गया था वह पूरा नही हुआ है केवल 15 दिन का समय बचा है इसके बाद किसान धान की रोपाई नही करेगे. रिमझिम बारिश के बीच जिले में अभी तक 150 मिली मीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि गत वर्ष इस अवधि में 482.8 मिली मीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी. किसानों को धान की बोवाई के लिये वर्षा का इंतजार है. गुढ़ तहसील में सबसे ज्यादा वर्षा हुई है, जबकि त्योंथर में सबसे कम वर्षा दर्ज की गई है. त्योंथर क्षेत्र में ही सबसे ज्यादा धान का उत्पादन होता है. जिले भर के किसान बोनी को लेकर परेशान है, आषाढ़ का महीना बीतने के बाद अब सावन में झमाझम बारिश की उम्मीद है. हालत यह है कि इस समय तापमान 35 डिग्री रहता है और बूंदाबांदी के अलावा झमाझम बारिश नही हो रही है. सावन भी लग चुका है सावन के दूसरे दिन तेज धूप रही कहीं बारिश नही हुई.
जिले में एक लाख 93 हजार हेक्टेयर में हुई बोनी
जिले में वर्तमान खरीफ फसल में अब तक एक लाख 93 हजार 610 हेक्टेयर में फसलों की बोनी हुई है. इस वर्ष के लिए अनुमानित लक्ष्य के अनुसार ज्वार, मक्का, बाजरा, कोदौ, अरहर, मूंग, उड़द तथा तिल की लक्ष्य के अनुसार शत-प्रतिशत बोनी हो चुकी है. उप संचालक कृषि यूपी बागरी ने बताया जिले में खरीफ फसल के लिए इस वर्ष दो लाख 57 हजार 110 हेक्टेयर में फसलों की बोनी का लक्ष्य रखा गया था. अब तक एक लाख 93 हजार 610 हेक्टेयर में फसलों की बोनी हो चुकी है. धान को छोडक़र लगभग सभी फसलों की बोनी हो चुकी है. धान की रोपाई के लिए किसान गहरी बारिश का इंतजार कर रहे हैं. इस वर्ष धान के लिए दो लाख 38 हजार 500 हेक्टेयर में बोनी का लक्ष्य रखा गया है. अब तक लगभग एक लाख 75 हजार हेक्टेयर में धान की बोनी हो चुकी है. यह लक्ष्य का 73 प्रतिशत है.
गत वर्ष हुई थी 2 लाख 56 हजार 790 हे. में बोनी
गत वर्ष जिले में दो लाख 56 हजार 790 हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बोनी की गई थी. गत वर्ष धान का रकबा दो लाख 40 हजार 120 हेक्टेयर था. उप संचालक ने बताया कि अब तक जिले में ज्वार 360 हेक्टेयर, मक्का 90 हेक्टेयर, बाजरा 120 हेक्टेयर, कोदौ 4150 हेक्टेयर में बोया गया है. जिले में अरहर 3950 हेक्टेयर, मूंग 2550 हेक्टेयर, उड़द 5400 हेक्टेयर तथा तिल 1860 हेक्टेयर में बोया गया है. अच्छी वर्षा होने पर धान की भी लक्ष्य से अधिक बोनी हो जाएगी

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