उज्जैन: महाकाल की नगरी उज्जैन में सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तैयार किया जा रहा महाकाल भक्त निवास अब तेजी से आकार ले रहा है. करोड़ों श्रद्धालुओं, पर्यटकों, साधु-संतों और महाकाल भक्तों को व्यवस्थित एवं किफायती आवास उपलब्ध कराने की इस महत्वाकांक्षी योजना का पहला चरण लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है. महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की इस परियोजना का प्रारंभिक विकास कार्य उज्जैन विकास प्राधिकरण को सौंपा गया था, जबकि शेष निर्माण के लिए जल्द ही नए सिरे से टेंडर जारी किया जाएगा.
पहले चरण में सड़क, सीवरेज लाइन, नालियों और दो भव्य प्रवेश द्वारों का निर्माण किया जा रहा है. लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत वाले इस कार्य का निष्पादन ठेकेदार अमित जिंदल द्वारा किया जा रहा है. फिनिशिंग कार्य पूर्ण होने के बाद यह हिस्सा महाकाल मंदिर प्रबंध समिति को सौंप दिया जाएगा. बताया जा रहा है कि भुगतान में देरी के कारण निर्माण की गति कुछ समय धीमी रही, लेकिन जैसे-जैसे मंदिर समिति द्वारा राशि उपलब्ध कराई जाएगी, शेष कार्य भी तेजी से पूरे किए जाएंगे.
सिंहस्थ के पहले सौगात
कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि महाकाल मंदिर के माध्यम से महाकाल भक्त निवास का निर्माण कराया जा रहा है. इसका उद्देश्य बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर मार्ग पर ही ठहरने की आधुनिक एवं सुव्यवस्थित सुविधा उपलब्ध कराना है. यह परियोजना सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
वेबसाइट के माध्यम से आएगा दान
महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार, भक्त निवास के निर्माण के लिए वेबसाइट के माध्यम से श्रद्धालुओं से दान लिया जाएगा. दानदाताओं, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) निधि तथा मंदिर समिति के सहयोग से इस विशाल परियोजना को पूरा किया जाएगा. दूसरे चरण के निर्माण की तैयारियां अंतिम दौर में हैं और कभी भी नया टेंडर जारी किया जा सकता है. वर्तमान में सावन-भादौ पर्व की व्यवस्थाओं के बीच प्रशासन और मंदिर समिति इस परियोजना को भी प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रहे हैं.
4000 कमरे बनेंगे
योजना के अनुसार महाकाल भक्त निवास में कुल 16 ब्लॉक बनाए जाएंगे. प्रत्येक ब्लॉक छह मंजिला होगा और उसमें लगभग 112 कमरे होंगे. पूरी परियोजना में चार हजार से अधिक किफायती कमरे तैयार किए जाएंगे, जिससे एक साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था हो सकेगी. परिसर में पार्किंग, हेल्प सेंटर, ई-चार्जिंग स्टेशन, ई-वाहन स्टैंड जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी. विशेष ई-वाहन सेवा भक्त निवास से महाकाल मंदिर तक श्रद्धालुओं को निःशुल्क लाने और ले जाने का कार्य करेगी.
हरि फ़ाटक मार्ग पर फोकस
महाकाल भक्त निवास का स्थान भी इस परियोजना की बड़ी विशेषता है. यह इंदौर-उज्जैन हरिफाटक सिक्स लेन मार्ग पर विकसित किया जा रहा है. इसके सामने निर्माणाधीन यूनिटी मॉल भी अंतिम चरण में है, जिसका अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर कर चुके हैं. आसपास नए फोर लेन और टू लेन मार्ग भी विकसित किए जा रहे हैं, जिससे सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं, संतों और पर्यटकों को शहर के विभिन्न क्षेत्रों तक निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी.
अगले टेंडर पर टिकी निगाहें
धर्म, सेवा और आधुनिक सुविधाओं का संगम बनने जा रहा महाकाल भक्त निवास सिंहस्थ-2028 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक नई पहचान बनेगा. पहले चरण का कार्य अंतिम दौर में पहुंच चुका है और अब सभी की नजरें दूसरे चरण के टेंडर पर टिकी हैं, जिसके बाद बाबा महाकाल की नगरी में श्रद्धालुओं के लिए देश के सबसे बड़े भक्त निवासों में से एक का सपना साकार होने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ जाएगा
