
बागली। 4 फरवरी 2021 को ड्यूटी के दौरान रतनपुर बीट प्रभारी वनरक्षक मदन लाल वर्मा की शिकारीयो की गोली लगने से मृत्यु हो गई थी तात्कालिक रूप में शासन की गाइडलाइन अनुसार 7 दीनो के बाद ही उनके पुत्र जितेंद्र वर्मा को अनुकंपा नौकरी दे दीगई साथ ही पत्नी को पेंशन भी शुरू कर दी गई विभाग द्वारा अपनी पूरी कार्यवाही पूरी ईमानदारी से समय रहते कर दी लेकिन वन विभाग अधिकारी एवं कर्मचारियों का कहना था कि ड्यूटी के दौरान उनके साथ यह घटना घटी इसलिए उन्हें सहित का दर्जा दिया जाए आखिर 5 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा नियमों में परिवर्तित करते हुए पहली बार वन विभाग के कर्मचारियों को शाहिद का दर्जा देने की पहल की ऐसी ही घटना में एक अन्य वनरक्षक को भी शाहिद का दर्जा दिया गया है 13 अगस्त को लिए गए निर्णय में वनरक्षक मदनलाल वर्मा को शाहिद का दर्जा मिल गया अब परिवार को विश्वास है कि शाहिद दर्जा प्राप्त गाइडलाइन के अनुसार उन्हें सभी सहायता मिल जाएगी 15 अगस्त को भोपाल मुख्यालय पर शाहिद वर्मा की पत्नी कृष्णाबाई वर्मा का राज्य सरकार द्वारा सम्मान किया गया इस समय बागली नवीन नगर परिषद भवन में शाहिद वर्मा की बेटी कविता वर्मा एवं दामाद दिनेश वर्मा का शाल श्रीफलएवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया इस दौरान बागली विधायक मुरली भंवरा नगर परिषद अध्यक्ष सीमा यादव नगर परिषद अध्यक्ष के प्रतिनिधि कमल यादव सहित कई अतिथि उपस्थित रहे इस दौरान वरिष्ठ अभिभाषक प्रवीण चौधरी ने शाहिद वर्मा परिवार के 5 वर्ष के लंबे समान प्राप्त संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि पूरा क्षेत्र और जनप्रतिनिधि दिवंगत वर्मा को शहीद की उपाधि देने के लिए लग रहा आखिरकार डॉक्टर मोहन यादव सरकार द्वारा उचित समय पर शाहिद दर्जा दिए जाने का निर्णय लेकर सभी क्षेत्रवासियों का सम्मान किया है। साथ ही चौधरी ने बताया कि सीमा प्रहरी की तरह ही वन प्रहरी भी वनों की तथा वन संपदा करते हैं। सयोगं यह रहा कि दिवंगत सहित की बेटी और दामाद बागली में ही निवास रत है। बागली विधायक मुरली भंवरा ने भी नम आंखों से शहीद परिवारके परिजनों का अभिनंदन करते हुए कहा कि 15 अगस्त पर्व पर देश को आजादी दिलाने वाले देशभक्त और शहीदों को याद किया जाता है। आज का पल भी आजादी के बाद आंतरिक सुरक्षा करने वाले शाहिद वर्मा के सम्मान में सामने आया है अध्यक्ष प्रतिनिधि कमल यादव ने भी बताया कि नगर परिषद की ओर से उक्त परिवार को जो भी सुविधा नगर परिषद के अंतर्गत आता है वह दी जाएगी और कहा कि इस साहसिक निर्णय से वर्तमान में कार्य कर रहे सीमा प्रहरियों के साथ-साथ वन प्रहरियों का भी मनोबल बढ़ेगा।
