
पेटलावद। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत शुक्रवार को पहली बार आदिवासी अंचल पेटलावद पहुंचे। उनके साथ राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के कई किसान नेता भी मौजूद रहे। टिकैत ने किसानों को संगठित रहने का संदेश देते हुए कहा कि अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए किसी प्रकार की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात मजबूती से रखनी चाहिए।
सभा को संबोधित करते हुए टिकैत ने कहा कि किसान पंचायतों के लिए प्रशासन से अनुमति लेने की परंपरा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हर कार्यक्रम के लिए अनुमति मांगी जाएगी तो कभी पुलिस, कभी फायर एनओसी और कभी अन्य कारणों से कार्यक्रम निरस्त किए जा सकते हैं। इसलिए किसान अपनी पंचायतें तय स्थान पर शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित करें और प्रशासन को केवल सूचना दें।
आदिवासी क्षेत्र को बताया संघर्ष की धरती
राकेश टिकैत ने कहा कि झाबुआ-पेटलावद का क्षेत्र आदिवासी भील समाज और भगवान बिरसा मुंडा के संघर्षों की भूमि है। उन्होंने कहा कि जब सीमित संसाधनों के बावजूद आदिवासी समाज ने अपने अधिकारों के लिए लड़ाई जीत ली थी, तो आज किसानों को भी डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने किसानों से संगठित होकर अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आगे आने का आह्वान किया।
*किसान दिवस पर अधिकारियों से करें सीधा संवाद:*
टिकैत ने किसानों को सलाह दी कि प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को आयोजित होने वाले किसान दिवस में अपनी समस्याएं लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों से सीधे मुलाकात करें। उन्होंने कहा कि सिंचाई, बिजली, राजस्व, सड़क, एनएचएआई सहित जिस विभाग से समस्या जुड़ी हो, उसके अधिकारियों के सामने तथ्यों के साथ अपनी बात रखें, ताकि समस्याओं का समय पर समाधान हो सके।
*फोरलेन प्रभावित किसानों के लिए उठाई आवाज:*
अपने संबोधन में राकेश टिकैत ने फोरलेन परियोजना से प्रभावित किसानों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की जमीन सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित की जा रही है, उन्हें सरकार उचित और न्यायसंगत मुआवजा दे। उन्होंने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन किसानों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। सभा के दौरान राष्ट्रीय, प्रदेश एवं जिला स्तर के किसान नेताओं ने भी किसानों की विभिन्न समस्याओं पर अपने विचार रखे और संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष महेंद्र हामड, जिला महामंत्री जितेंद्र पाटीदार, तहसील अध्यक्ष ईश्वरलाल पाटीदार, प्रेम भूरिया, हरिराम सेप्टा, बलराम पाटीदार सहित बड़ी संख्या में किसान कार्यक्रम में मौजूद रहे।
