
मझौली। मझौली क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा की परीक्षाओं के दौरान गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में प्रथम वर्ष की परीक्षाएं संचालित हो रही हैं जहां परीक्षा केन्द्र सीधी होने के कारण विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को सुबह 4 बजे अंधेरे में घर से निकलकर चुवाही पहुंचकर बस का इंतजार करना पड़ता है ताकि समय पर सीधी स्थित पर 60 किमी. दूर परीक्षा केन्द्र पहुंच सकें।
परीक्षा सुबह 7 बजे शुरू होने के कारण विद्यार्थियों के सामने समय पर पहुंचना बड़ी चुनौती बन गया है। अंधेरे में सुनसान रास्तों से सफर करना छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अभिभावकों में भी इस व्यवस्था को लेकर चिंता और नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि परीक्षा केन्द्र मझौली में बनाया जाए तो विद्यार्थियों का समय और आर्थिक खर्च दोनों बचेंगे। साथ ही छात्राओं को असुरक्षित परिस्थितियों से भी राहत मिलेगी। क्षेत्रवासियों और विद्यार्थियों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि भविष्य में मझौली में ही परीक्षा केन्द्र की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि विद्यार्थियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े और वे सुरक्षित वातावरण में अपनी परीक्षाएं दे सकें। तत्संबंध में चर्चा के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी मांगों में कहा कि मझौली में स्थायी परीक्षा केन्द्र की स्थापना की जाय, छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाय, विद्यार्थियों की सुविधा के अनुरूप परीक्षा केन्द्र का निर्धारण किया जाय। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा का अधिकार केवल परीक्षा देने तक सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि सुरक्षित और सुगम परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।
कुलसचिव को भेजा जा चुका है पत्र
शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय मझौली के छात्राओं द्वारा परीक्षा केन्द्र को लेकर विगत 12 नवम्बर 2025 को कुलसचिव अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय को पत्र भेजा गया था। पत्र में विभिन्न समस्याओं की जानकारी देते हुये आगामी परीक्षा महाविद्यालय मझौली में आयोजित कराने की मांग की गई। महाविद्यालय की छात्रा मांसी सिंह, साक्षी विश्वकर्मा, कल्पना सिंह, प्रिंसू कुशवाहा, पुष्पा केवट, कोमल केवट, तुलसी गोस्वामी, नेहा सिंह, दुर्गावती सिंह, श्यामकली केवट, वर्षा केवट, खुशी विश्वकर्मा, अंकिता गुप्ता, साक्षी गुप्ता, खुश्बू विश्वकर्मा, लक्ष्मी द्विवेदी, बेबी सिंह, अरूणांचल गुप्ता, पायल रजक, शिवांश सिंह, अंजू प्रजापति, राजकुमार प्रजापति, सुलोचना सिंह, पप्पी कचेर आदि द्वारा यह पत्र भेजकर समस्याओं की जानकारी दी गई थी।
प्राचार्य द्वारा भेजा गया था पत्र
शासकीय महाविद्यालय मझौली के प्राचार्य द्वारा पत्र क्रमांक 236, दिनांक 12 नवम्बर 2025 को एसडीएम मझौली को भेजकर यह बताया गया था कि दिसम्बर 2016 से इस महाविद्यालय का परीक्षा केन्द्र हटाकर संजय गांधी महाविद्यालय सीधी कर दिया गया था। महाविद्यालय में 1200 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। अधिकांश विद्यार्थी गरीब एवं निर्धन परिवार से आते हैं। मझौली से लगभग 60 किलोमीटर दूर सीधी में परीक्षा केन्द्र होने से भारी असुविधओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में इस वर्ष महाविद्यालय मझौली को परीक्षा केन्द्र बनाया जाय। विडम्बना यह है कि प्राचार्य के पत्र पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
