अमेरिकी सैनिकों पर कथित हमले के प्रयास के बाद अमेरिका ने ईरान पर किये भारी हवाई हमले

वाशिंगटन, 30 जुलाई (वार्ता) अमेरिका ने जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर कथित बैलिस्टिक मिसाइल हमले के प्रयास के जवाब में ईरान के खिलाफ व्यापक हवाई हमले किये हैं। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) के अनुसार, इन हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया गया। सेंटकॉम ने दावा किया कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बनाये जाने के जवाब में की गयी। ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों में क़ेश्म द्वीप पर एक परिवार के तीन लोगों की मौत हो गयी, जिनमें दो वर्ष का एक बच्चा भी शामिल है। सरकारी मीडिया के अनुसार, देश के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों के अन्य स्थानों पर भी हमले किये गये।

हाल के दिनों में अमेरिका और सऊदी अरब ने पहली बार संयुक्त रूप से इराक में ईरान समर्थित समूहों के ठिकानों पर भी हमले किये हैं। अप्रैल में हुए युद्धविराम के जून में टूटने के बाद से अमेरिका और ईरान के बीच लगातार जवाबी सैन्य कार्रवाई का सिलसिला जारी है। इस दौरान अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की और विभिन्न ठिकानों पर हमले किये, जबकि ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किये तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी को भी निशाना बनाया।
इस बीच, समाचार वेबसाइट एक्सियोस ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दावा किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान से मुलाकात की, जिन्होंने क्षेत्र में तनाव कम करने की सऊदी अरब की इच्छा से उन्हें अवगत कराया। व्हाइट हाउस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

उधर, मिस्र सरकार ने कहा कि बुधवार को एक बंदरगाह पर लगी आग ड्रोन हमले के कारण हुई। रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा संघर्ष के दौरान यह पहली बार है जब अमेरिका के सहयोगी मिस्र को सीधे निशाना बनाये जाने का दावा किया गया है। जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मंगलवार को ईरानी मिसाइल हमले के बाद श्री ट्रंप ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा था कि अब कार्रवाई करने की बारी अमेरिका की है और ईरान को इसकी जानकारी है। ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी आईआरआईबी ने बताया कि तेल उद्योग के लिए महत्वपूर्ण क़ेश्म और आबादान द्वीप भी अमेरिकी हमलों की चपेट में आये हैं। पिछले कुछ दिनों की अपेक्षाकृत शांति के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। दोनों पक्षों ने कुछ समय के लिए हमले रोक दिये थे और कूटनीतिक समाधान की संभावना को लेकर बातचीत की खबरें भी सामने आयी थीं। श्री ट्रंप ने इन वार्ताओं को ‘बहुत मैत्रीपूर्ण’ बताया था, हालांकि ईरान ने किसी भी प्रकार की बातचीत से इनकार किया था।

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