गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा का गरिमामय समापन, गुरु-शिष्य परंपरा पर हुआ जिला स्तरीय कार्यक्रम

दमोह। शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दमोह में गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा के अंतर्गत जिला स्तरीय गुरु पूर्णिमा श्रद्धा पर्व का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय के पूर्व प्राचार्य नरेंद्र नायक, अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) सत्यम चौरसिया ने की। विशिष्ट अतिथियों में डॉक्टर आलोक सोनवलकर, ( पूर्व प्राचार्य )अनिल जैन , सुरेश पटेल (जिला कोषाध्यक्ष), राजेश विश्वकर्मा, सुधीर गुप्ता, इम्तियाज़ चिश्ती व बीआरसी ललित रैकवर उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती के पूजन तथा सरस्वती वंदना से हुआ। विद्यार्थियों ने स्वागत गीत की मनमोहक प्रस्तुति देकर अतिथियों का अभिनंदन किया। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने “गुरु शिष्य नृत्य नाटिका तथा जीवन सफल हो जाएगा गुरु वंदना कर लीजिए” जैसी भावपूर्ण सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।संगीत शिक्षक आशीष मेहरा ,नृत्य शिक्षक पी.डी. अठया व रूपा तिवारी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अतिथियों ने मुक्त कंठ से सराहना की। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य आर.पी . कुर्मी ने गुरु सांदीपनि के जीवन पर प्रकाश डालते हुए गुरु शिष्य परंपरा के संदर्भ में विद्यार्थियों को संबोधित किया कार्यक्रम का संचालन श्री संजय खरे, डॉ. रचना श्रीवास्तव एवं श्रीमती सीमा डिम्हा ने किया।मुख्य अतिथि व अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को गुरुजनों के प्रति सम्मान, अनुशासन व संस्कारों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आवहन करते हुए डॉ आलोक सोनवलकर ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थियों को आज विशेष अवसर पर अपने जीवन मैं एक बुराई छोड़ना है और एक अच्छाई ग्रहण करना है। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी सत्यम चौरसिया द्वारा विद्यालय के उत्कृष्ट शिक्षकों, मेधावी विद्यार्थियों व विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। साथ ही नव नियुक्त प्राथमिक शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए तथा सभी विद्यार्थियों को स्वल्पाहार वितरित किया गया।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा का यह आयोजन श्रद्धा, संस्कार व भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा के उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में संपन्न हुआ।

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