सीधी:पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मूंग की खरीदी को लेकर प्रदेश भर में आंदोलन कर रहे किसानों की जायज मांगों का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मूंग उत्पादक किसान अपनी उपज को बेचने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार उनकी सुध लेने के बजाय आंखें मूंदे बैठी है।उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की है कि वे विज्ञापनों की दुनिया से बाहर आए| प्रचार पर जनता का पैसा बहाना बंद करें और मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी के लिए तत्काल ठोस कदम उठायें। अपनी जायज मांगों को लेकर आवाज उठाने वाले किसानों की बात सुनने के बजाय सरकार पुलिस बल के दम पर उनके प्रदर्शनों को दबाने का प्रयास कर रही है, जिसे कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार को तुरंत आंदोलनकारी किसानों से सीधा संवाद कर उनकी सभी समस्याओं का निवारण करना चाहिए।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि सरकार की रुचि केवल आत्मप्रचार और इवेंट मैनेजमेंट में है, जबकि धरातल पर अन्नदाता आज भी अपनी मूलभूत समस्याओं के लिए सड़कों पर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाए जाने और ‘कृषि कैबिनेट’ के दावों पर कड़ा प्रहार किया है।
अजय सिंह ने कहा कि सरकार विज्ञापनों और उत्सवों के जरिए खुद को किसान हितैषी दिखाने का ढोंग कर रही है, लेकिन हकीकत यह है कि कर्ज, मौसम की मार और व्यवस्था की उदासीनता के कारण किसान खून के आंसू रो रहा है। किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के नाम पर बनाई गई ‘कृषि कैबिनेट’ पूरी तरह बेअसर साबित हुई है और इस कैबिनेट की बैठकें केवल कागजी खानापूर्ति और बड़े-बड़े दावों तक सीमित है| इसका किसानों को कोई वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा है। फसल बर्बादी का मुआवजा न मिलना, खाद-बीज की किल्लत और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीदी न होना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
