इंदौर: मध्य प्रदेश के स्वच्छ शहर में नगर निगम द्वारा नया फरमान जारी किया गया है. नगर निगम ने ड्रिंक एंड ड्राइव को लेकर निगम वाहनों के विषय नया फैसला लिया है. बताया जा रहा है कि अब नगर निगम के कर्मचारी और ड्राइवर शराब पीकर गाड़ी नहीं चला सकेंगे. इंदौर नगर निगम में गाड़ी का स्टेरिंग संभालने से पहले सभी वाहन चालकों की ब्रीथ एनालाइजर से जांच करने का निर्णय लिया है.
नगर निगम के शहर में 85 वार्डों में कचरा कलेक्शन गाड़ियों के साथ अन्य कार्यों में तैनात सैकड़ों गाड़ियों से शहर में स्वच्छता का काम किया जाता है. उक्त कार्य के दौरान कई बार ऐसे भी मामले सामने आए, जब या तो नगर निगम के ड्राइवर शराब पिए हुए थे, या फिर शराब पीने के बाद निगम की छवि को धूमिल किया था. पिछले दिनों बॉम्बे अस्पताल चौराहे पर एक निगम का कर्मचारी डस्टबिन के पास शराब के नशे में धुत पड़ा हुआ था.
इन घटनाओं से लिया सबक
पिछले दिनों द्वारकापुरी थाने में भी नगर निगम के कर्मचारियों ने शराब पीकर हंगामा किया था. इस दौरान थाने में ही कर्मचारियों के बीच जमकर मारपीट हुई थी. इसके अलावा वार्ड 28 का दरोगा ड्यूटी के दौरान ही शराब पीता हुआ पाया गया था. सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो भी सर्कुलेट हुए थे. ऐसे तमाम मामलों को लेकर परेशान निगम प्रशासन ने मुख्यालय, वर्कशॉप एवं निगम के सभी झोनल कार्यालय पर वाहन चालकों की ड्यूटी पर शराब सेवन की जांच करने का निर्णय लिया है.
ब्रीथ एनालाइजर से होगी जांच
नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने कहा कि अब निगम कर्मचरियों की ड्यूटी ज्वाइन करने के पहले ब्रीथ एनालाइजर से जांच होगी. ड्यूटी के दौरान शराब पिए हुए पाए जाने पर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि नगर निगम शराब जांच के लिए ब्रीथ एनालाइजर मशीनें खरीद रहा है. मशीनों से झोनल और कचरा स्टेशन पर कचरा वाहनों पर तैनात कर्मचारियों की रोज जांच होगी.
