नई दिल्ली/ढाका। 30 दिसंबर, 2025। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें राष्ट्र का ‘अभिभावक’ बताया है। मंगलवार सुबह जारी एक भावुक संदेश में यूनुस ने कहा कि खालिदा जिया का जाना देश के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसे कभी नहीं भरा जा सकेगा। उन्होंने याद किया कि कैसे अस्सी के दशक में खालिदा जिया ने तानाशाही शासन के खिलाफ बिगुल फूंका और नौ साल लंबे दमनकारी शासन को उखाड़ फेंकने में निर्णायक भूमिका निभाई। यूनुस ने उनके अडिग संकल्प और बहुदलीय राजनीतिक संस्कृति को बढ़ावा देने के योगदान को आधुनिक बांग्लादेश की नींव बताया।
प्रोफेसर यूनुस ने अपने संबोधन में विशेष रूप से खालिदा जिया द्वारा लड़कियों के लिए शुरू की गई मुफ्त शिक्षा और छात्रवृत्ति योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस पहल ने बांग्लादेश के सामाजिक इतिहास में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी क्रांति पैदा की थी। यूनुस ने उनकी अद्वितीय लोकप्रियता का जिक्र करते हुए बताया कि वे अपने राजनीतिक जीवन में कभी कोई चुनाव नहीं हारीं और 1991 से 2008 के बीच हर क्षेत्र में रिकॉर्ड जीत दर्ज की। उनके आर्थिक उदारीकरण के फैसलों ने ही आज के आधुनिक बांग्लादेश की आर्थिक बुनियाद रखी, जिसका लाभ देश की वर्तमान पीढ़ी उठा रही है।
शोक संदेश के अंतिम भाग में प्रोफेसर यूनुस ने खालिदा जिया के कठिन दौर का जिक्र करते हुए कहा कि वे राजनीतिक प्रतिशोध और झूठे मुकदमों की शिकार हुईं, लेकिन कभी अपने सिद्धांतों से पीछे नहीं हटीं। वे संघर्ष और प्रतिरोध की एक ऐसी प्रतीक थीं, जिन्होंने जेल की यातनाएं सही पर झुकना स्वीकार नहीं किया। इस राष्ट्रीय दुख की घड़ी में यूनुस ने सभी देशवासियों से शांति और संयम बनाए रखने का पुरजोर अनुरोध किया है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे अपने-अपने स्थान पर रहकर दिवंगत नेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें, साथ ही सरकार ने उनके सम्मान में उचित प्रबंध सुनिश्चित किए हैं।

