
रीवा, बुधवार को जिले भर में पूरे उत्साह और आस्था के साथ गुरू पूर्णिमा का पर्व मनाया गया. जहा भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिला. मंदिरों और आश्रमों में आस्था की भीड़ उमड़ी. प्रसिद्ध चिरहुला हनुमान मंदिर में सुबह 4 बजे से गेट खुलने के साथ देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहा. स्कूल और कालेजों में गुरू पूर्णिमा मनाई गई.
बुधवार को गुरू-शिष्य का अटूट प्रेम देखने को मिला. शुभ मुहूर्त में गुरूओं की पूजा अर्चना कर आर्शीवाद लिया गया. पचमठा आश्रम, लक्ष्मणबाग में भक्तों का तांता लगा रहा. ऐतिहासिक लक्ष्मणबाग में गुरूजनों की तस्वीरों और चरण पादुकाओं का पूजन किया गया. गुरू पूर्णिमा को लेकर पहले से ही व्यवस्थाएं की गई थी और मंदिर को सजाया गया था. इसी तरह पचमठा आश्रम में सुबह 9 बजे गुरू पूजन का कार्यक्रम रखा गया और दोपहर भजन का आयोजन किया गया और शाम को भंडारे का प्रसाद बांटा गया. इसी तरह चिरहुला हनुमान मंदिर में सुबह 4 बजे हनुमान जी महाराज का महाभिषेक किया गया और रात को चिरहुला नाथ भगवान की महाआरती हुई. दिन भर सुंदरकांड एवं भजन कीर्तन चलता रहा. भक्तों की भीड़ मुख्य द्वार से लेकर पूरे परिसर में थी, यहा आस्था का सैलाब उमड़ा, देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहा. सिविल लाइन स्थिल बड़े हनुमान मंदिर में भी सुबह सुंदरकांड और दोपहर प्रसाद का वितरण किया गया.
सांई के भजन में डूबे श्रोता
कोठी कम्पाउंड स्थित सांई मंदिर में गुरू पूर्णिमा पूरे उत्साह और भक्ति के साथ मनाई गई. सुबह 5 बजे से देर रात तक लोग पहुंचते रहे. दिन भर प्रसाद का वितरण होता रहा. सुबह कांकड़ एवं मंगल स्नान के बाद गुरू पादुका पूजन किया गया. इसके बाद दोपहर की आरती, तत्पश्चात भंडारे का प्रसाद वितरित किया गया. शाम को भजन संध्या में सांई के भजन में श्रोता डूब गये. सांई के फिल्मी गानों के साथ कई प्रसिद्ध भजनों की प्रस्तुति कलाकारों ने दी. रिमझिम बारिश के बीच श्रोता बैठे रहे. रात 11 बजे तक भजन और भक्ति गीत की प्रस्तुति दी.
