सऊदी अरब और अमेरिका ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया पर हवाई हमले किए हैं। यह सैन्य कार्रवाई तेल सुविधाओं और अमेरिकी सेना पर हुए हमलों के कड़े जवाब में बुधवार को हुई है।
रियाद, अमेरिका और सऊदी अरब ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच इराक में एक बहुत बड़ा और संयुक्त हवाई हमला किया है। यह हमला ईरान द्वारा समर्थित उन मिलिशिया ठिकानों पर किया गया है जो लगातार आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।
डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर के बाद भी ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अचानक बैलिस्टिक मिसाइलों से बड़ा हमला कर दिया था। इस खतरनाक सरप्राइज अटैक के बाद ही अमेरिका और सऊदी अरब को मिलकर यह सख्त और त्वरित सैन्य कदम उठाना पड़ा है।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने इस अहम सैन्य कार्रवाई की पूरी पुष्टि करते हुए कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार 29 जुलाई को इराक में मौजूद हथियार गोदामों और आतंकी ठिकानों को लड़ाकू विमानों से पूरी तरह नष्ट किया गया।
यह पहली बार है जब सऊदी अरब ने खुद खुलकर स्वीकार किया है कि उसने अमेरिका के साथ इराक के अंदर सीधे हवाई हमले किए हैं। इन तबाह किए गए आतंकी समूहों का सीधा संबंध सऊदी अरब की महत्वपूर्ण तेल सुविधाओं पर हाल ही में हुए ड्रोन हमलों से था।
लगातार हो रहे ड्रोन हमले
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने बताया है कि यह बड़ी कार्रवाई लगातार हो रहे ड्रोन हमलों के कड़े जवाब में की गई है। पिछले 72 घंटों में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के निर्देश पर 30 से भी ज्यादा खतरनाक ड्रोन हमले किए गए।
इसके जवाब में दोनों देशों के लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में कई आतंकवादी ठिकानों और सामान पहुंचाने वाले रास्तों पर भारी बमबारी की। इससे पहले सऊदी अरब ने इराक से उड़ाए गए उन कई ड्रोन्स को भी रास्ते में ही मार गिराया था जो तेल सुविधाओं की ओर आ रहे थे।
आत्मरक्षा में उठाया गया कदम
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने यह पूरी तरह स्पष्ट किया है कि सऊदी अरब इस क्षेत्र में किसी भी तरह का कोई तनाव बढ़ाना नहीं चाहता है। लेकिन उसके देश या उसकी संपत्तियों के खिलाफ होने वाले किसी भी आतंकी हमले का वह बहुत ही माकूल और कड़ा जवाब जरूर देगा।
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान कई बार सऊदी अरब को सीधे तौर पर अपना निशाना बना चुका है। लेकिन अब तक सऊदी अरब ने ज्यादातर मामलों में किसी भी तरह का सीधा सैन्य जवाब देने से काफी ज्यादा परहेज ही किया था।
अमेरिकी सेना की कड़ी चेतावनी
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने साफ कहा है कि ईरान ने बिना किसी उकसावे के वीकेंड से ही सऊदी अरब के सहयोगियों पर हमले करवाए थे। सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यह ईरान के लिए एक बहुत ही साफ और कड़ा संदेश है।
अमेरिका ऐसी किसी भी हिंसक कोशिश को बिना जवाब दिए बिल्कुल भी नहीं छोड़ेगा और अपने सहयोगियों की पूरी तरह से रक्षा करेगा। इस संयुक्त सैन्य कार्रवाई ने मध्य पूर्व में पहले से ही जारी भारी तनाव को अब एक नए और बहुत खतरनाक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है।
