
जबलपुर। हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने शासकीय कालेज के संविदा कर्मचारियों को आउट सोर्सिंग व्यवस्था में भेजे जाने की कार्रवाई पर अंतरिम राहत प्रदान की है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता प्रवीण वर्मा व डॉ. ज्योति वर्मा ने पक्ष रखा। कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी नियुक्ति वर्ष 2024 में संविदा आधार पर हुई थी, लेकिन कालेज प्रबंधन उन पर यह लिखित सहमति देने का दबाव बना रहा था कि वे अपनी इच्छा से आउट सोर्सिंग व्यवस्था में जाना चाहते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि ऐसा नहीं करने पर सेवा समाप्त करने की चेतावनी दी जा रही थी। याचिका में कहा गया कि नियुक्ति की मूल सेवा शर्तों में एकतरफा बदलाव नहीं किया जा सकता। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य शासन सहित संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। साथ ही अंतरिम आदेश में याचिकाकर्ताओं को शासकीय बापू कालेज नौगांव में यथावत कार्य जारी रखने की अनुमति दी है।
