
तेहरान, 28 जुलाई (वार्ता) ईरान, ओमान और सऊदी अरब ने होर्मुज जलडमरुमध्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये संयुक्त कूटनीतिक प्रयासों का आह्वान किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने मंगलवाार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हम्माद अल बुसैदी और सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहाद अल सऊद के साथ सोमवार को अलग-अलग फोन वार्ताओं में इस मुद्दे पर चर्चा की।
ईरानी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, तीनों मंत्रियों ने क्षेत्र में स्थिरता बरकरार रखने के लिए बेहतर सहयोग तथा समन्वित कूटनीतिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया। बयान में कहा गया कि ‘अमेरिकी हमलों के कारण होर्मुज जलडमरुमध्य पर थोपी गयी असुरक्षा’ पर चर्चा की जरूरत पर भी जोर दिया गया। यह चर्चा होर्मुज को लेकर ईरान और ओमान के बीच तेहरान में हुई प्रत्यक्ष बातचीत के बाद सामने आयी है। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने जलडमरूमध्य से लगे देशों के संप्रभु अधिकारों का सम्मान करते हुए जहाजरानी यातायात के संचालन से संबंधित सिद्धांतों और तंत्र पर चर्चा की।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने रविवार को कहा कि बातचीत का मकसद जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करना और अहम समुद्री रास्ते के आस-पास स्थिरता बनाए रखना था। यह राजनयिक बातचीत अमेरिका-ईरान के बीच बढ़े तनाव के बीच हुई, हालांकि अब दोनों पक्षों से हमले रुक गये हैं। इस बीच, ईरान के ख़ातम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका की ओर से नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहती है, तो इससे टकराव और बढ़ जाएगा। ईरानी सेना के इस संगठन ने एक बयान में कहा कि तटीय और क्षेत्रीय जलसीमा में ईरानी जहाजों, कमर्शियल जहाजों और टैंकरों को निशाना बनाने वाली अमेरिकी कार्रवाई को युद्ध को और बढ़ाने वाला कदम माना जाएगा।बयान में चेतावनी दी गयी कि ईरान की सेना किसी भी खतरे का जवाब देगी। दुनिया भर में तेल की शिपिंग के लिए अहम होर्मुज जलडमरुमध्य, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का एक मुख्य केंद्र बना हुआ है। ईरान इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपना नियंत्रण बताता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति के लिए इसके महत्व के कारण अमेरिका क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं पर ध्यान केंद्रित करता रहता है।
