नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक रणनीति तेज कर दी है। पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए आगामी 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक की पहली पुण्यतिथि बड़े स्तर पर मनाने जा रही है।
पश्चिमी यूपी में सियासी पैठ बनाने की रणनीति
सत्यपाल मलिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते थे और किसानों के बीच उनकी गहरी पैठ थी। मलिक अपने अंतिम दिनों में केंद्र सरकार के मुखर आलोचक बन गए थे, विशेषकर किसानों के मुद्दों और पुलवामा हमले को लेकर। कांग्रेस इस आयोजन के जरिए जाट और किसान समुदाय के साथ-साथ अन्य वर्गों को साधने का प्रयास कर रही है।
दलित और किसान वोटबैंक पर कांग्रेस की नजर
पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का यह क्षेत्र 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए बेहद अहम है। दलित, मुस्लिम और किसान समीकरणों को साधते हुए कांग्रेस इस इलाके में संगठन को पंचायत स्तर तक मजबूत करने की कवायद में जुटी हुई है।

