रीवा:विंध्य में सूखे की आहट के बीच दो दिन से बारिश हो रही है, जिसके बाद किसानों के चिंतित चेहरे खुशी से खिल उठे है. मायूस हो चुके किसान धान का रोपा खेतों में लगाने का काम शुरू कर दिया है. दरअसल बारिश न होने के कारण खेतों में पानी नही था जिसकी वजह से रोपा की रोपाई नही हो पा रही थी. दो दिन हुई बारिश में खेतों में पानी पहुंचा है, वही जो धान पहले रोप दी गई थी उसे अमृत बूंद मिल गया है.
गौरतलब है कि आषाढ़ में कम बारिश होने के कारण खरीफ की बोनी नही हो पाई है. दो दिन बाद आषाढ़ की विदाई हो जाएगी. इस बार मानसून भी समय पर नही आया और आने के बाद भटक गया. अभी तक जिले में केवल 137 मिली मीटर वर्षा हो पाई है. जबकि गत वर्ष इस समय तक 472 मिली मीटर तक वर्षा हो गई थी. सबसे ज्यादा गुढ़ तहसील में अभी तक वर्षा हुई है, जबकि मनगवां एवं त्योंथर तहसील में बेहद कम वर्षा हुई है. सबसे ज्यादा धान का उत्पादन त्योंथर क्षेत्र में ही होता है, बारिश न होने के कारण किसानों का रोपा बेकार हो गया. किसी तरह मोटर पम्प के द्वारा खेतों में धान का रोपा तो लगा दिया गया. लेकिन कम वर्षा के कारण जमीन की नमी जा रही है और दरारे पडऩे लगी है. झमाझम बारिश के इंतजार में त्योंथर क्षेत्र का किसान बैठा है. खरीफ की बोनी नही हो पाई और लक्ष्य के अनुरूप बहुत कम बोनी हुई है.
एक दिन में हुई 2.4 मि.मी वर्षा
रीवा जिले में एक जून से अब तक 138.6 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है. जिले में 26 जुलाई को 2.4 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई. जिले में एक जून से अब तक तहसील हुजूर में 148.3 मिलीमीटर, रायपुर कर्चुलियान में 147.7 मिलीमीटर, गुढ़ में 300 मिलीमीटर, सिरमौर में 137.4 मिलीमीटर, त्योंथर में 34 मिलीमीटर, सेमरिया में 144 मिलीमीटर, मनगवां में 71 मिलीमीटर तथा तहसील जवा में 125 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई. गत वर्ष इसी अवधि में 472.6 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी. किसानों को धान की बोवाई के लिए अभी गहरी वर्षा का इंतजार है.
बारिश के चलते प्रभावित हुई है बोनी: बागरी
प्रभारी संयुक्त संचालक कृषि यू.पी बागरी ने बताया कि इस बार जिले में कम वर्षा हुई है और समय पर वर्षा न होने के कारण खरीफ की बोनी प्रभावित हुई है. अभी तक 60 प्रतिशत के लगभग बोनी हो चुकी है. अब पानी गिर रहा है तो किसान धान का रोपा खेतो में लगा रहे है. मुख्य रूप से जिले में धान का ही उत्पादन किसान ज्यादा लेते है. लक्ष्य के अनुरूप बोनी नही हो पाई है, लेकिन जिस तरह से बारिश हुई है उससे लगता है कि धान बोनी का लक्ष्य पूरा हो जायेगा
