उज्जैन: इंदौर में हाथी द्वारा एक युवक की जान लेने की घटना ने पूरे मालवा क्षेत्र को झकझोर दिया है. यह हाथी उज्जैन के खाक चौक आश्रम से इंदौर ले जाया गया था. घटना के बाद इंदौर से लेकर उज्जैन तक चिंता बढ़ गई है, क्योंकि भगवान महाकाल की श्रावण-भाद्रपद सवारियों में हाथी, घोड़े और बैल प्रमुख आकर्षण होते हैं. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या इन सभी पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण, व्यवहार परीक्षण और सुरक्षा आकलन समय रहते किया गया है?
इस घटना ने महाकाल की सवारी को लेकर भी नई चिंता पैदा कर दी है. हर वर्ष भगवान महाकाल की सवारी में हाथी पर भगवान मनमहेश स्वरूप विराजमान होते हैं. इसके अलावा घोड़ों पर पुलिस बल चलता है और बैलगाड़ी भी सवारी का हिस्सा रहती है. लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी, डीजे, बैंड, ढोल-नगाड़े, आतिशबाजी जैसी तेज आवाजें और भारी भीड़ किसी भी पशु को विचलित कर सकती है. यदि ऐसे हालात में कोई हाथी, घोड़ा या बैल बेकाबू हो जाए तो भगदड़ जैसी गंभीर स्थिति बन सकती है.
निर्माण कार्य बिखरे पड़े
इस बार स्थिति इसलिए भी अधिक संवेदनशील है क्योंकि सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के चलते सवारी मार्ग के कई हिस्सों में सड़क चौड़ीकरण, नाली निर्माण और अन्य विकास कार्य जारी हैं. कई स्थानों पर निर्माण सामग्री, गिट्टी, सीमेंट, मशीनें, जेसीबी और डंपर खड़े हैं. मार्ग को एक ओर से चालू रखने की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन जगह पहले की तुलना में सीमित है. ऐसे में यदि किसी पशु का संतुलन बिगड़ता है तो दुर्घटना का खतरा और बढ़ सकता है.
5 से 7 लाख श्रद्धालु आएंगे
प्रत्येक सोमवार को महाकाल की सवारी और श्रावण मास में दर्शन के लिए देश-विदेश से पांच से सात लाख तक श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं. आगे नागचंद्रेश्वर दर्शन जैसे बड़े आयोजन भी होने हैं. इसलिए प्रशासन, पुलिस और महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह है कि सवारी में शामिल होने वाले सभी पशुओं की चिकित्सकीय जांच, फिटनेस प्रमाणन और व्यवहार का परीक्षण कराया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार रखी जाए.
श्यामू हाथी की सेहत पर संशय
महाकाल की श्रावण-भाद्रपद सवारी में दूसरी सवारी से शामिल होने वाली मादा हाथी श्यामू की सेहत को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है. कुछ दिन पहले वन विभाग और पशु चिकित्सकों ने श्यामू का स्वास्थ्य परीक्षण कर रक्त के नमूने जांच के लिए जबलपुर प्रयोगशाला भेजे थे, जिनकी रिपोर्ट का इंतजार है. इधर महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने श्यामू के मालिक श्रवण गिरि महाराज से हाथी के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी मांगी है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके।
मालिक बोले स्वस्थ है श्यामू
दूसरी ओर श्रवण गिरि महाराज का कहना है कि श्यामू पूरी तरह स्वस्थ है. उनके अनुसार हाथी का खान-पान, व्यवहार और दिनचर्या सामान्य है तथा बीमारी की चर्चा एक शिकायत के बाद शुरू हुई है. वहीं वन विभाग और पशु चिकित्सकों का कहना है कि अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा.
घटना दुःखद,,उज्जैन मे जांच करेंगे
महाकाल बाबा की सवारी पूर्व सभी तरह का परीक्षण होता है. इस बार भी सवारी के पूर्व हाथी घोड़े बेल सभी के लिए जाँच व्यवस्था बनाएंगे. इंदौर की घटना दुःखद है.महावत से भी चर्चा करेंगे.
प्रथम कौशिक,प्रशाशक महाकाल मंदिर उज्जैन
