
सिंगोली। जावद विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए विधायक ओमप्रकाश सखलेचा ने शनिवार को सिंगोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लगभग 15 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत से 30 बिस्तरों के अस्पताल को 50 बिस्तरों के सिविल अस्पताल में उन्नत किए जाने के लिए प्रस्तावित भूमि का स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण किया।
निरीक्षण के बाद विधायक सखलेचा ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ तथा आवश्यक संसाधनों की कमी का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। नागरिकों और चिकित्सा अधिकारियों की समस्याएं सुनते ही विधायक ने तत्काल भोपाल एवं नीमच स्थित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा कर रिक्त पदों को शीघ्र भरने तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर विधायक ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा कि क्षेत्रवासियों को उनके घर के नजदीक बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अस्पतालों के विकास तथा मरीजों के बेहतर उपचार के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि जावद विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उनके प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में नए स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत हुए हैं तथा स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। हाल ही में विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आयोजित निशुल्क विशाल स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा हजारों ग्रामीणों का परीक्षण एवं उपचार भी किया गया।
निरीक्षण के दौरान नगर परिषद सिंगोली अध्यक्ष सुरेश बगड़ा, जिला भाजपा महामंत्री अशोक विक्रम सोनी, नगर भाजपा अध्यक्ष लोकेश पटवा, मंडल महामंत्री ओंकारलाल धाकड़ सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, भाजपा पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
प्रस्तावित 50 बिस्तरों के सिविल अस्पताल के निर्माण से सिंगोली एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों लोगों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी, जिससे गंभीर उपचार के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता भी कम होगी।
