
रीवा, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कृष्णा राजकपूर आडिटोरियम में आयोजित अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के सम्मेलन में कारगिल के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी. इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सैनिक वीरता और त्याग की प्रतिमूर्ति हैं. सैनिकों के त्याग और बलिदान से देश की सीमाएं सुरक्षित हैं. कारगिल युद्ध में वीर जवानों ने अपने प्राणों की बाजीलगाकर कठिनतम परिस्थितियों में देश को विजय दिलाई. सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने सेना की प्रतिष्ठा में चार चांद लगाये. भारत तेजी से हर क्षेत्र में विकास कर रहा है. देश की आजादी के समय वीरों ने जो सपने देखे थे उन्हें 2047 तक पूरा करके देश को विश्वगुरू बनायेंगे.
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश ने हाल ही में समान नागरिक सहिंता कानून पास करके सबकों समान अधिकार दिया है. देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कश्मीर में धारा 370 समाप्त करके एक देश एक विधान एक निशान और एक प्रधान का सपना पूरा किया. हमारे सैनिकों ने कश्मीर से आतकवाद की जड़े उखाड़ फेकी विन्ध्यधरा में पूर्व सैनिकों का स्वागत करते हुए हम सबकों बड़ी प्रसन्नता हो रही है. विन्ध्य ने दुनिया को साफेद बाघ दिया है इसके साथ-साथ ऑपरेशन सिंदूर के समय सेना का नेतृत्व करने वाले थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी तथा नौसेना अध्यक्ष एडमिनरल दिनेश त्रिपाठी विन्ध्य के ही लाल हैं. सेवानिवृत्त के बाद भी सभी पूर्व सैनिक देश के विकास में अच्छा योगदान दे रहे हैं.
समारोह में प्रदीप जोशी ने कहा कि पोखरन दो की घटना ने हमारे देश की मानसिकता और युद्ध नीति को बदल दिया. कारगिल युद्ध की सफलता ने इस नई रणनीति को सफल सिद्ध किया. समारोह में पूर्व विधायक तथा सेवानिवृत्त सैनिक लक्ष्मण सिंह तिवारी ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और शहीदों के परिजन हैं. रीवा में सैनिक स्मारक बनाया जाय. समारोह में जनपद अध्यक्ष लालबहादुर सिंह तथा शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया. समारोह में नगर निगम के अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जनरल बी.के. चतुर्वेदी, विग्रेडियर डीएस त्रिपाठी, मेजर जनरल बीएस शर्मा तथा बड़ी संख्या में विन्ध्य क्षेत्र महाकौशल और छत्तीसगढ़ के पूर्व सैनिकों और शहीदों के परिजन उपस्थित रहे. समारोह का संचालन परिषद के राष्ट्रीय महासचिव रमेश पाण्डेय ने किया.
