इंदौर: यह कहना पूरी तरह से गलत नहीं होगा कि जब से शहर में पब खुले हैं, शहर की फिजा बिगाडऩे में पब कल्चर का भी हाथ होना सामने आया है. शहर में जगह-जगह खुले इन पब सेंटरों के खिलाफ लोगों ने कई बार ज्ञापन देकर विरोध जताया, लेकिन जिम्मेदारों द्वारा उसे अनसुना किया गया. लेकिन, हाल ही में पहली बार कलेक्टर द्वारा लोगों की शिकायत पर एक पब को सील करने की कार्रवाई की गई है, जिसका लोगों ने स्वागत किया है.
मामला स्कीम नंबर 78 का है. इस रहवासी क्षेत्र में इनसाईड नाम से पब संचालित हो रहा था, जहां देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजाया जा जाता था. उसकी तेज ध्वनी से रहवासी परेशान हो रहे थे और छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में समस्या हो रही थी. नशे में धुत लडक¸े-लड़कियां सडक¸ों पर हुड़दंग मचाते और अपशब्द कहते थे, जिससे क्षेत्र का माहौल खराब होने की आशंका बढ़ रही थी. सडक¸ों पर ही नशा करना और गुंडा गर्दी करने से क्षेत्र में डर का माहौल बन चुका था.
शाम के बाद महिलाएं और लड़कियों का बाहर निकलना भी दूभर हो चला था. इन समस्याओं को लेकर समाजसेवी राहुल निहोरे के साथ 50 से अधिक क्षेत्रवासी मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर शिवम वर्मा को आवेदन दिया. इस पर कलेक्टर ने तुरंत जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए. कलेक्टर के निर्देश पर की गई जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर पब को सील कर दिया गया. इस कार्रवाई से रहवासियों में जहां खुशी है, वहीं प्रशासन के प्रति विश्वास भी बढ़ा है. अब सवाल यह उठता है कि अधिकारियों द्वारा रहवासी क्षेत्र में पब संचालन की अनुमति कैसे दे दी गई, क्या अब उन पर भी कोई कार्रवार्ई होगी.
यह बोले रहवासी
ओपन टेरिस पब संचालित था, शाम से देर रात तक तेज ध्वनी में डीजे बजता था, बच्चे पढ़ाई भी नहीं कर पा रहे थे. कार्रवाई से खुशी हुई और प्रॉपर साल्युशन हुआ. हम दोबारा कलेक्टर से मिलकर उन्हें धन्यवाद देंगे.
– लता तिवारी
आस-पास 500 परिवार निवास कर रहे हैं. पिछले ढेड़ वर्ष से रहवासी इस समस्या से जूझ रहे थे. अति होने पर ही हमने जनसुनवाई में गुहार लगाई थी. इस पर ठोस कार्रवाई होने पर हम कलेक्टर शिवम वर्मा का आभार व्यक्त करते हैं.
– नीरू परिहार
इस पब के कारण कई लोग अपना मकान बेचने को मजबूर हो गए, हार्ट पेशेंट दूसरी जगह शिफ्ट हो गए. डीजे की इतनी तेज ध्वनि होती थी कि घर के बर्तन हिलते थे. लसुडिय़ा, विजयनगर दो थानों के होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही थी, तब हम कलेक्टर के समक्ष पहुंचे.
चेनसिंह परिहार, उपाध्यक्ष, रहवासी संघ
