उज्जैन: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर 29 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक बार फिर महाकाल की नगरी उज्जैन आएंगे. प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार वे महर्षि सांदीपनि आश्रम पहुंचकर दर्शन-पूजन करेंगे तथा गुरु पूर्णिमा के विभिन्न धार्मिक आयोजनों में शामिल होंगे.
इसके साथ ही वे गीता भवन के लोकार्पण में भी भाग लेंगे. कुछ अन्य विकास कार्यों के भूमि पूजन एवं लोकार्पण की भी तैयारी की गई है, हालांकि अंतिम कार्यक्रम भोपाल से जारी होने के बाद ही अधिकृत रूप से इसकी पुष्टि होगी.
युवा मोर्चा की रैली
भारतीय जनता युवा मोर्चा के नगर अध्यक्ष पद पर नितिन सेन की ताजपोशी हो चुकी है. ऐसे में उनके पदभार ग्रहण और स्वागत रैली बाकी है. 29 जुलाई को ज़ब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव उज्जैन आएंगे तो इस अवसर पर एक स्वागत रैली निकाली जाएगी, जिसमें सीएम डॉक्टर मोहन यादव का स्वागत सम्मान और आभार प्रकट किया जाएगा.
एक दिन पहले पहुंचेंगे सीएम शहर
नवभारत को मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री 28 जुलाई की रात उज्जैन पहुंच जाएंगे. 29 जुलाई की सुबह से उनका कार्यक्रम धार्मिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों से शुरू होगा. वे महाकाल मंदिर में बाबा महाकाल के दर्शन-पूजन भी करेंगे. जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के पास अभी विस्तृत अधिकृत कार्यक्रम नहीं पहुंचा है. कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और आईजी राकेश गुप्ता ने बताया है कि अंतिम कार्यक्रम भोपाल से प्राप्त होने के बाद ही सार्वजनिक किया जाएगा.
प्रशासन ने तैयारी की शुरू
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी संभावित कार्यक्रम स्थलों की व्यवस्थाओं में जुट गए हैं. जैसे ही अंतिम सूची जारी होगी, संबंधित स्थानों पर मंच, यातायात, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा.
सिंहस्थ की होगी समीक्षा
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री सिंहस्थ-2028 की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा करेंगे. निर्माण कार्यों की प्रगति, सड़क चौड़ीकरण, महाकाल सवारी मार्ग, घाट विकास और अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं पर अधिकारियों के साथ बैठक होने की संभावना है. 29 किलोमीटर लंबे घाट निर्माण कार्य सहित विभिन्न विकास योजनाओं की स्थिति पर भी चर्चा की जाएगी.
3 अगस्त को निकलेगी सवारी
30 जुलाई से सावन मास की शुरुआत होने जा रही है और 3 अगस्त को बाबा महाकाल की पहली सवारी निकलेगी. इसे देखते हुए मुख्यमंत्री महाकाल मंदिर क्षेत्र तथा सवारी मार्ग पर चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण भी कर सकते हैं. पिछले दौरे के बाद जिन परियोजनाओं में तेजी आई है, उनमें कई कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं, जबकि महाकाल सवारी मार्ग पर अधिकांश निर्माण 70 से 80 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है। जहां सड़क निर्माण पूरा हो गया है, वहां आवागमन शुरू किया जा चुका है, जबकि जिन स्थानों पर कार्य जारी है वहां दूसरी लेन को सवारी के सुचारु संचालन के लिए तैयार किया जा रहा है. उद्देश्य यह है कि पालकी नए और व्यवस्थित मार्ग से निकले तथा दोनों ओर खड़े श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी प्रकार की असुविधा न हो.
कई वर्षों से जाते हैं आश्रम
गुरु पूर्णिमा पर महर्षि सांदीपनि आश्रम में प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी विशेष धार्मिक आयोजन होंगे. मुख्यमंत्री वर्षों से इस अवसर पर यहां दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते रहे हैं. विधायक और मंत्री बनने से पहले भी उनकी यह परंपरा रही है, जो मुख्यमंत्री बनने के बाद भी लगातार जारी है।इस बार आश्रम में पूर्व मुख्य पुजारी पंडित रूपम व्यास की अनुपस्थिति सभी को महसूस होगी. उनके निधन के बाद उनके भाई राहुल व्यास मंदिर की पूजा-अर्चना का दायित्व संभाल रहे हैं, जिनका सहयोग रूपम व्यास की पुत्री पहल व्यास भी कर रही हैं.
संदीपनी लोक की हो चुकी है घोषणा
दौरे के दौरान कुछ नई परियोजनाओं को भी गति मिलने की संभावना है। सांदीपनि आश्रम में प्रस्तावित सांदीपनि लोक की योजना पर सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है और इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. वहीं हरिफाटक स्थित यूनिटी मॉल के सामने विराट स्वरूप की भव्य प्रतिमा स्थापना की योजना पर भी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. शनि मंदिर लोक परियोजना के टेंडर पहले ही जारी हो चुके हैं, जबकि काल भैरव लोक के निर्माण की दिशा में भी प्रशासनिक स्तर पर कार्य आगे बढ़ रहा है
