जयपुर, 25 जुलाई (वार्ता) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता अशाेक गहलोत ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एवं लाखों छात्रों के संघर्ष की जीत करार दिया है।
श्री गहलोत ने अपने बयान में कहा कि भारी दबाव के आगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को झुकना पड़ा है और अंततः शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा है। श्री मोदी ने उनका काफी समय तक बचाव किया लेकिन उन्हें बचा नहीं पाये। उन्होंने कहा कि यह इस लोकतंत्र की ताकत है कि तानाशाही करने वाली सरकार को देश की मांग के आगे झुकना पड़ा। यह इतिहास में दर्ज हो गया कि कैसे छात्रों पर पैलेट गन चलाने जैसी बर्बरता हुई और छात्रों की आवाज बुलंद करने वाले श्री राहुल गांधी को कैसे घसीटा गया।
श्री गहलोत ने कहा कि आज लोकतंत्र की जीत हुई और तानाशाही की हार हुई है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली इस सरकार को जनता माफ नहीं करेगी और हमारा यह संघर्ष छात्रों को न्याय मिलने तक जारी रहेगा।
