ग्वालियर: सनातन संस्कृति में गौ माता के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लेने के लिए देशव्यापी आह्वान किया गया है। आने वाली 27 जुलाई को समस्त संत समाज के मार्गदर्शन में गो रक्षा हेतु एक वृहद और ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस दिन देशभर में एक साथ ‘अखण्ड श्री राम नाम संकीर्तन’ का अनुष्ठान होगा।
यह आयोजन पूर्णतः आध्यात्मिक और जन-सहभागिता पर आधारित है। 27 जुलाई को प्रातः 8:00 बजे से 9:15 बजे तक का समय इस संकीर्तन के लिए निर्धारित किया गया है। सवा घंटे की इस अवधि में शहर के विभिन्न मंदिरों, मठों, आश्रमों और घरों में एक साथ ‘राम-राम’ की धुन गूंजेगी। इस अनुष्ठान के पीछे मुख्य उद्देश्य गौ माता की रक्षा के लिए जन-चेतना जागृत करना और आध्यात्मिक शक्ति का संचार करना है। संत-महात्माओं ने समस्त देशवासियों से अपील की है कि वे इस निर्धारित समय पर अपने-अपने स्थान से इस महा-अनुष्ठान में शामिल हों। संतों का मानना है कि ‘राम नाम’ की संकीर्तन शक्ति से न केवल समाज में सकारात्मकता आएगी, बल्कि गौ रक्षा का संकल्प भी और अधिक मजबूत होगा।
आयोजकों ने सभी सनातनी बंधुओं से आग्रह किया है कि वे इस आयोजन को सफल बनाने के लिए नियत समय का पालन करें। 27 जुलाई को सुबह ठीक 8 बजे से 9:15 बजे तक संकीर्तन प्रारंभ करें। अपने निकटतम मंदिरों या मोहल्लों में सामूहिक रूप से संकीर्तन करें। यदि संभव हो, तो संकीर्तन के दौरान अपने घरों पर सनातन ध्वज लगाएं। गौ रक्षा को धर्म का अभिन्न अंग बताते हुए संतों ने कहा है कि गौ माता की सेवा ही राष्ट्रसेवा है और श्री राम नाम का संकीर्तन इस पुनीत कार्य के लिए एक सामूहिक शक्ति प्रदान करेगा।
