तिरुवनंतपुरम, 25 जुलाई (वार्ता) केरल पुलिस ने राज्य पर्यटन विकास निगम (केटीडीसी) के नाम पर हो रहे बड़े ऑनलाइन होटल बुकिंग घोटाले को लेकर एक चेतावनी जारी की है।
पुलिस के अनुसार साइबर ठग मुख्य रुप से उन लोगों को निशाना बना रहे है जो निगम की होटलों में कमरा बुक कराने के लिए निगम की साइटों पर इसकी तलाश करते है। ये ठग निगम के नाम, असली तस्वीरों और लोगो का गलत इस्तेमाल करके नकली वेबसाइटें बना रहे हैं।
पुलिस के अनुसार नकली वेबसाइट्स को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि वे बिल्कुल असली केटीडीसी वेबसाइट जैसी दिखती हैं, जिससे यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि वे नकली हैं। इस घोटाले के तहत, कमरा बुक करने की कोशिश कर रहे लोगों से भुगतान पेज पर अपना मोबाइल नंबर, डेबिट या क्रेडिट कार्ड नंबर, वैधता तारीख और सीवीवी डालने के लिए कहा जाता है। इसके बाद उनसे उनके मोबाइल फोन पर आए ओटीपी को डालने के लिए कहा जाता है।
एक बार ये जानकारी शेयर करने के बाद, ठग पीड़ितों के बैंक खातों या कार्ड से बड़ी रकम गैर-कानूनी तरीके से निकाल सकते हैं और इस लेन देन को असली दिखाने और धोखाधड़ी को छिपाने के लिए नकली बुकिंग रसीदें भी दिखाई जा सकती हैं।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि गूगल सर्च रिज़ल्ट में सबसे ऊपर दिखने वाली वेबसाइट्स या विज्ञापन लेबल के साथ दिखाए गए लिंक ज़रूरी नहीं कि असली हों। उपयोगकर्ताओं को सलाह दी गई है कि वे कोई भी भुगतान करने से पहले वेबसाइट यूआरएल को ध्यान से देखें और यह पक्का करें कि वेब पता में कोई गलती, अजीब कैरेक्टर या कोई और संदिग्ध बदलाव तो नहीं है।
चेतावनी में लोगों से यह भी अपील की गई है कि वे संदिग्ध वेबसाइट्स के ज़रिए यूपीआई पित या दूसरी गोपनीय वित्तीय जानकारी साझा न करें। होटल बुकिंग सिर्फ़ असली केटीडीसी वेबसाइट, मोबाइल एप्लीकेशन या अधिकृत बुकिंग प्लेटफॉर्म के ज़रिए ही की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के शिकार लोगों को तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके या राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करके घटना की जानकारी देनी चाहिए।
