इंदौर: शहर के छावनी क्षेत्र में नई नर्मदा पाइप लाइन बिछने और कनेक्शन देने के कई महीनों बाद भी जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी. वहीं, टेस्टिंग के नाम पर सड़कें खोद दी गईं, जो लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं.रहवासी आज भी बोरवेल और दूसरे क्षेत्रों से पानी लाने को मजबूर हैं.मामला वार्ड क्रमांक 55 के छावनी क्षेत्र स्थित उषागंज की गली नंबर 8 का है. यहां नई नर्मदा पाइपलाइन बिछाने और कनेक्शन देने के बावजूद दो महीने बाद भी जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है.
इस समस्या को लेकर नवभारत ने खबर प्रकाशित कर जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित किया था. तब अधिकारियों ने जल्द पानी शुरू कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है. रहवासियों का आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने में तकनीकी लापरवाही हुई, जिससे पानी का फ्लो नहीं बन रहा और कई जगह दूषित पानी भी आ रहा है. टेस्टिंग के दौरान सड़क खोदकर बड़े-बड़े गड्ढे छोड़ दिए गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है. पानी नहीं मिलने से अधिकांश परिवार सरकारी बोरवेल और अन्य क्षेत्रों से पानी लाने को मजबूर हैं. रहवासियों ने नगर निगम से जल्द नियमित जलापूर्ति शुरू कराने और सड़क की मरम्मत की मांग की है.
यह बोले रहवासी…
पानी के नाम पर कुछ नहीं पिछले दो महीने में दस बार सड़क खोद दी गई जगह-जगह बड़े गड्ढे कर दिया लोग गिर रहे हैं इन गुड्डू को हमें ही भरना पड़ता है.
– रुखसाना खान
किसी के यहां भी नर्मदा का पानी नहीं आ रहा हमें आसपास के क्षेत्र में जाकर पानी लाना पड़ता है नाइन सुधारने के लिए आते हैं लेकिन आज तक कुछ नहीं हो पाया.
– सईदा बी
पूरी गर्मी पानी के लिए परेशान हुए सोचा था नई लाइन से राहत मिलेगी लेकिन बरसात होने के बाद भी पानी की किल्लत बनी हुई है फिलहाल बोरिंग पर ही लोग निर्भर है.
– शीला परदेसी
