भोपाल। ऐशबाग हॉकी स्टेडियम, जहां हर दिन 80 से ज्यादा खिलाड़ी अपने खेल को निखारने पहुंचते हैं, आज बदहाल व्यवस्थाओं की वजह से चर्चा में है। स्टेडियम परिसर में चारों ओर फैला कचरा, जर्जर हो चुकी इमारतें, टूटी बाउंड्री वॉल और बारिश के बाद होने वाला जलभराव खिलाड़ियों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। बारिश के दौरान मैदान और आसपास का पूरा इलाका कीचड़ से भर जाता है, जिससे खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए उसी कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है।
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान खिलाड़ियों ने बताया कि स्टेडियम में वॉशरूम जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। लंबे समय से रखरखाव नहीं होने के कारण खेल परिसर की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। खिलाड़ियों का कहना है कि बेहतर प्रदर्शन के लिए सिर्फ मेहनत ही नहीं, बल्कि सुरक्षित और साफ-सुथरा अभ्यास स्थल भी जरूरी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्टेडियम परिसर में फैली गंदगी और बदहाल व्यवस्था के बावजूद नगर निगम और संबंधित विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब खिलाड़ी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के सरकारी दावे कितने मजबूत हैं? अब सभी की नजर इस बात पर है कि जिम्मेदार विभाग ऐशबाग हॉकी स्टेडियम की बदहाली दूर करने के लिए कब कदम उठाएगा।
