अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगातार 13वीं रात बमबारी की है। बंदर अब्बास में भारी धमाके हुए। हूतियों के हमले से होर्मुज जलडमरूमध्य में बड़ा तनाव बढ़ गया है।
वाशिंगटन, खाड़ी क्षेत्र में युद्ध का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने गुरुवार को ईरान पर लगातार 13वीं रात जोरदार और भारी हवाई हमले किए हैं। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक बंदर अब्बास के पश्चिमी इलाके में कई विस्फोटों की तेज आवाजें सुनी गई हैं। दोनों देशों के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर यह गंभीर सैन्य टकराव अब अपने चरम पर पहुंच चुका है।
इस बीच यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने भी लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला किया है। इन लगातार हो रहे बड़े हमलों के कारण दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बहुत गहरी चिंता बढ़ गई है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 6 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गई है। यह मई के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत का सबसे ऊंचा और खतरनाक स्तर माना जा रहा है।
अमेरिकी सेना का बड़ा बयान
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन नए हमलों की आधिकारिक पुष्टि करते हुए अपनी अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि शाम 6:45 बजे ईरानी सैन्य ठिकानों के खिलाफ यह बड़ा अभियान शुरू किया गया था। यह लगातार 13वीं रात है जब अमेरिका ने ईरान को जवाबदेह ठहराने के लिए इतने बड़े हमले किए हैं। इसका मुख्य मकसद कमर्शियल जहाजों को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से मिलने वाले खतरे को कम करना है।
स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज विवाद
अमेरिका के इन ताजा और बड़े हमलों का सीधा मकसद क्षेत्रीय जल से गुजरने वाले आम नाविकों की सुरक्षा करना है। वाशिंगटन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर फिर से नियंत्रण पाने और अपनी सुरक्षित शिपिंग को बहाल करने की कोशिश कर रहा है। दूसरी तरफ ईरान ने इस बेहद अहम समुद्री व्यापारिक रास्ते होर्मुज को पूरी तरह से बंद कर दिया है। इसी कारण दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के सामने आ गई हैं और युद्ध जैसे भयंकर हालात बन गए हैं।
हूती विद्रोहियों की नई धमकी
हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब में दुनिया के एक और बहुत अहम व्यापारिक मार्ग को भारी खतरा पैदा कर दिया है। उन्होंने लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों पर हमला करके पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक बहुत बड़ी चुनौती दी है। इन घटनाओं से दुनिया में तेल की भारी किल्लत और आर्थिक संकट पैदा होने की बहुत बड़ी आशंका है। अमेरिका ने इस स्थिति से निपटने के लिए अपनी नौसेना और वायुसेना को पूरी तरह से सतर्क कर दिया है।
डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हूती विद्रोहियों और ईरान को अपनी बहुत ही सख्त और बड़ी चेतावनी जारी की है। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर उन्होंने वाणिज्यिक जहाजों पर अपने ये जानलेवा हमले लगातार जारी रखे। तो इसके जवाब में उन्हें अमेरिका की तरफ से बहुत बड़ी और विनाशकारी सैन्य सजा भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। अमेरिका अपने और अपने सहयोगी देशों के व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
