
सौसर, क्षेत्रीय विधायक विजय रेवनाथ चौरे ने विधानसभा के मानसून सत्र में किसानों से जुड़ी गंभीर समस्याओं को प्रखरता से उठाया। उन्होंने किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री से प्रश्न पूछकर बढ़ती महंगाई के दौर में किसानों को मिल रही राहत सीमाओं पर सवाल खड़े किए।
*महंगाई के दौर में नाकाफी साबित हो रही वर्तमान ऋण सीमा*
विधायक विजय चौरे ने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में डीजल, बीज, कीटनाशक, कृषि मजदूरी और जुताई की लागत में अत्यधिक वृद्धि हुई है। इस बढ़ती महंगाई के अनुपात में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा किसानों को दी जाने वाली प्रति एकड़ फसल ऋण की सीमा वर्तमान समय में काफी नाकाफी साबित हो रही है।
*खाद के कोटे और KCC लिमिट बढ़ाने की मांग*
विधायक ने सरकार से सवाल किया कि वैज्ञानिक अनुशंसा और भूमि की वास्तविक जरूरत के बावजूद सहकारी समितियों द्वारा किसानों को प्रति एकड़ खाद (यूरिया, डीएपी, एनपीके) देने की अधिकतम सीमा किस मापदंड पर तय की गई है? उन्होंने मांग की कि शासन आगामी खरीफ व रबी सीजन से किसानों की फसल ऋण की क्रेडिट लिमिट में कम से कम 25 से 30 प्रतिशत की वृद्धि करे और प्रति एकड़ खाद के कोटे को भी बढ़ाए।
*कृषि मंत्री ने दिया जवाब*
विधायक द्वारा उठाए गए प्रश्नों के लिखित जवाब में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने बताया कि ई-विकास प्रणाली के तहत किसानों को प्रति एकड़ खाद उनकी जोत के आकार और फसल पर ICAR की अनुशंसा अनुसार उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही, किसानों को अपनी आवश्यकतानुसार उर्वरक क्रय करने की स्वतंत्रता का प्रावधान भी प्रणाली में उपलब्ध है। वहीं KCC लिमिट बढ़ाने तथा महंगाई से जुड़े अन्य बिंदुओं पर सरकार द्वारा जानकारी एकत्रित की जा रही है।
इसके अलावा विधायक चौरे ने बड़ी संख्या में पंढरपुर जाने वाले विठ्ठल भक्तों के लिए सामुदायिक भवन के निर्माण की मांग भी मांग भी की।
