जबलपुर: बरगी थाना अंतर्गत सालीवाड़ा चौराहा पर घर के सामने बैठने पर उपजे विवाद पर युवक की चाकू से गोद कर हत्या हुई थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार है जिसकी तलाश जारी है।पुलिस ने बताया कि बुधवार व गुरुवार की दरमियानी रात बैजनाथ यादव 34 वर्ष निवासी ग्राम सालीवाड़ा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह विद्या राजपूत की दुकान पर बैठा था
उसका भाई नम्मीलाल उर्फ छोटू व रिश्ते के छोटे भाई संतोष यादव सालीवाड़ा चौराहा पर बैठकर बात कर रहे थे उसी समय घनश्याम केवट नम्मी संतोष के पास आकर बोला कि हमारे घर के सामने क्यों बैठे हो कई बार मना करने पर तुम लोग मानते नहीं हो, उसके भाई ने कहा कि गांव का चौराहा है यहां दुकान भी है इसलिये बैठे हैं तो घनश्याम केवट ने चाकू से हमलाकर उसके भाई नम्मी याादव को जान से मारने की नियत से पेट में चाकू मारकर चोट पहॅुचा दी, संतोष बीच बचाव करने लगा तो संतोष को भी जान से मारने की नियत से चाकू से हमलकर सिर में पीछे तरफ, होठ के उपर चोट पहॅुचा दी वह उनको बचाने गया तो उसे देखकर घनश्याम केवट भाग गया। गांव के लोगों की मद्द से भाई नम्मी को शासकीय अस्पताल बरगी लेकर आये फिर मेडिकल कालेज लेकर गये जहां संतोष यादव 40 वर्ष को भर्ती कर लिया तथा डाक्टर ने चैक कर उसके भाई नम्मी यादव 30 वर्ष को मृत घोषित कर दिया। नम्मी यादव की हत्या घनश्याम केवट ने चाकू मारकर की है संतोष यादव को प्राणघातक चोटें पहुॅचाई है।
नहीं पहुंची 108 और 112, तड़पता रहा घायल, समय पर नहीं मिला इलाज
परिजनों का आरोप है कि यदि आपातकालीन सेवाएं समय पर मिल जातीं, तो आज नम्मी जिंदा होता। मृतक के बड़े भाई बैजनाथ यादव ने बताया कि तुरंत आपातकालीन सेवा 108 एम्बुलेंस और पुलिस सहायता नंबर 112 पर कॉल किया था। परिजनों ने काफी देर तक वाहनों का इंतजार किया, लेकिन कोई मदद मौके पर नहीं पहुंची। अंततः, निराश होकर परिजन एक निजी वाहन की व्यवस्था कर नम्मी को बरगी के शासकीय अस्पताल लेकर भागे। बरगी शासकीय अस्पताल में घायल को प्राथमिक उपचार तो दिया गया, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जब परिजनों ने अस्पताल की सरकारी एम्बुलेंस की मांग की, तो उन्हें बताया गया कि गाड़ी का ब्रेक खराब है और वह चलने की स्थिति में नहीं है। परिजनों को एक बार फिर मजबूरी में निजी वाहन का सहारा लेना पड़ा। निजी वाहन से मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में ही नम्मी की स्थिति और बिगड़ गई और वहां पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। नम्मी की शादी करीब एक साल पहले ही हुई थी।
