नई दिल्ली, भारत सरकार ने बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने बाल यौन शोषण सामग्री से जुड़े विज्ञापनों की शिकायतों के बाद कंपनियों को कानूनी नोटिस जारी किया है।
तीन घंटे के भीतर अवैध कंटेंट हटाना अनिवार्य
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने संसद में जानकारी दी कि नए नियमों के तहत किसी भी आपत्तिजनक या अवैध कंटेंट को सरकारी आदेश मिलने के मात्र 3 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य होगा। नियमों का पालन न करने पर कंपनियों को मिलने वाली कानूनी छूट खत्म कर दी जाएगी।
आपराधिक मुकदमे और ऑटोमैटिक टूल्स की व्यवस्था
सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने पर कंपनियों के खिलाफ सीधे आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। इसके अलावा, सभी बड़े प्लेटफॉर्म्स को आपत्तिजनक सामग्री स्वतः ब्लॉक करने के लिए आधुनिक ऑटोमैटिक टूल्स लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

