इंदौर: पूर्व लोकसभा अध्यक्ष एवं इंदौर की पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन ने इंदौर की रेल सुविधाओं की लगातार हो रही अनदेखी पर पश्चिम रेलवे के प्रति कड़ी नाराजगी जताई है. वरिष्ठ रेलवे अधिकारी को लिखे पत्र में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पश्चिम रेलवे ने इंदौर को अनाथ समझ लिया है. उनका कहना है कि प्रदेश के प्रमुख शहर और करीब 40 लाख की आबादी वाले इंदौर को उसकी आवश्यकता के अनुरूप रेल सुविधाएं नहीं मिल रही हैं.
महाजन ने पत्र में कहा कि नई ट्रेनों की शुरुआत तो दूर, अन्य रेलवे जोनों के प्रस्ताव भी लंबित हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटित मेमू (एमईएमयू) सेवा का रैक इंदौर से हटा लिया गया, जबकि उसकी जगह पुराने डीईएमयू (डेमू) रैक चलाए जा रहे हैं, जिनमें अक्सर तकनीकी खराबियां आती हैं. उन्होंने लंबे समय से बंद पुणे-इंदौर ट्रेन को वैकल्पिक मार्ग से शुरू नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए. उनका कहना है कि जब अजमेर और ग्वालियर की ट्रेनों का संचालन वैकल्पिक मार्ग से किया जा सकता है, तो पुणे ट्रेन के साथ ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा. इसके अलावा पटना, गुवाहाटी और त्रिवेंद्रम ट्रेनों के फेरे नहीं बढ़ाने, इंदौर-महू-उज्जैन के बीच लोकल ट्रेन सेवा नहीं होने तथा अयोध्या के लिए सीधी रेल सेवा के अभाव को भी उन्होंने प्रमुख मुद्दा बताया.
पर्याप्त लाइन क्षमता उपलब्ध
महाजन ने रेलवे के प्लेटफॉर्म और लाइन क्षमता की कमी के तर्क पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि लक्ष्मीबाई नगर में दो अतिरिक्त प्लेटफॉर्म और महू में पर्याप्त लाइन क्षमता व रखरखाव की व्यवस्था उपलब्ध है. इसके बावजूद सुविधाओं का विस्तार नहीं होना समझ से परे है. पत्र के अंत में उन्होंने लिखा कि कई बार लगता है, इससे अच्छा तो कोई सुविधा ही न हो. उन्होंने उम्मीद जताई कि रेलवे प्रशासन उनकी पीड़ा को समझते हुए इंदौर के साथ हो रही उपेक्षा समाप्त करेगा और शहर को उसकी जरूरत के अनुरूप रेल सुविधाएं उपलब्ध कराएगा
