
तेहरान, 22 जुलाई (वार्ता) ईरान ने बुधवार को अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उसके भूमिगत परमाणु या संवेदनशील ठिकानों पर किसी भी तरह का हमला पूरे क्षेत्र में व्यापक युद्ध को भड़का देगा। यह चेतावनी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ‘बहुत जल्द’ ईरान के बेहद सुरक्षित ‘पिकैक्स माउंटेन’ (कूह-ए कलंग) परमाणु ठिकाने को निशाना बनाएगा।
अमेरिका के साथ संघर्ष बढ़ने के बाद से ईरान की ओर से दी गई इस सबसे सख्त चेतावनी में ‘खताम अल-अंबिया सेंट्रल मुख्यालय’ ने कहा कि ईरान के परमाणु या अन्य रणनीतिक ठिकानों पर हमले को ‘क्षेत्र में युद्ध के विस्तार’ के रूप में देखा जाएगा। बुधवार तड़के जारी एक बयान में सैन्य मुख्यालय ने अमेरिका पर ईरान को धमकाने का आरोप लगाया और बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।
बयान में कहा गया, “यदि आक्रामक और आतंकवादी अमेरिकी सेना ऐसा कोई कदम उठाती है, तो ईरान इसे क्षेत्र में युद्ध का विस्तार मानेगा।” इसके साथ ही चेतावनी दी गई कि ‘अमेरिका, उसके सहयोगियों और समर्थकों के सभी हितों’ पर ईरानी सशस्त्र बलों द्वारा ‘घातक और शक्तिशाली हमले’ किए जाएंगे।
यह चेतावनी श्री ट्रंप के उस बयान के कुछ ही घंटे बाद आई है, जिसमें उन्होंने व्हाइट हाउस में लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन के साथ बैठक के दौरान कहा था कि अमेरिका ईरान के कूह-ए कलंग ठिकाने पर ‘बहुत जल्द’ हमला करेगा।
पश्चिमी और इजरायली खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, नतांज परमाणु स्थल के पास स्थित यह पहाड़ी परिसर जमीन में काफी गहराई में बना है, जहाँ उन्नत यूरेनियम-संवर्धन सेंट्रीफ्यूज और संवर्धित यूरेनियम का भंडार रखे होने का संदेह है। सैन्य विशेषज्ञों ने पहले ही आगाह किया है कि पारंपरिक हवाई हमलों से इस बेहद सुरक्षित ठिकाने को नष्ट करना सबसे कठिन चुनौतियों में से एक होगा।
यह धमकी दो हफ्ते से चल रहे संघर्ष में एक और बड़ा मोड़ है। ईरानी सरकारी मीडिया ने पिछले 11 दिनों से फिर से जारी इस संघर्ष में तबरीज़, बेहबहान, बुशहर, माहशहर, सिरिक, चाबहार और कोनारक सहित कई शहरों पर नए हमलों की सूचना दी है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया द्वारा सत्यापित वीडियो में रात भर हुए हमलों के बाद बेहबहान में एक हवाई अड्डे के पास आग की लपटें और घना धुआं उठता दिखाई दिया।
यह संघर्ष अब ईरान की सीमाओं से बाहर भी फैल गया है। जॉर्डन ने कहा कि उसकी वायु सुरक्षा प्रणाली ने चार ईरानी ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया, जबकि दो अन्य दूरदराज के इलाकों में गिरे जिससे कोई हताहत नहीं हुआ। ईरान ने हाल के दिनों में जॉर्डन, कुवैत और बहरीन पर हमले तेज कर दिए हैं, क्योंकि इन सभी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं।
बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को भी हिलाकर रख दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका के बीच ब्रेंट क्रूड करीब चार प्रतिशत बढ़कर 94 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट में भी लगभग चार प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बाजार की चिंताओं को बढ़ाते हुए, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के उन रास्तों का इस्तेमाल करने वाले सऊदी जहाजों को निशाना बनाने की धमकी दी है, जो होर्मुज के विकल्प के रूप में सऊदी अरब के तेल निर्यात के लिए बेहद महत्वपूर्ण बन चुके हैं।
यह सैन्य तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब युद्ध की वित्तीय लागत लगातार बढ़ रही है। मंगलवार को अमेरिकी सीनेट की विनियोग समिति के समक्ष गवाही देते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि इस संघर्ष में अमेरिका को अब तक 37.5 अरब डॉलर का खर्च आ चुका है, हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि अभियान जारी रहने के कारण वास्तविक आंकड़ा इससे काफी अधिक हो सकता है।
सांसदों के बार-बार पूछने के बावजूद, श्री हेगसेथ ने युद्ध खत्म करने की किसी रणनीति का खुलासा करने से इनकार कर दिया और केवल इतना कहा कि प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ‘ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार न हो।’
अब जबकि श्री ट्रंप खुले तौर पर ईरान के सबसे संवेदनशील परमाणु ठिकानों में से एक पर हमले के संकेत दे रहे हैं और ईरान ने इसे क्षेत्रीय युद्ध की शुरुआत बताया है। इससे यह आशंका गहरी हो गई है कि यह टकराव पश्चिम एशिया में कई अमेरिकी सहयोगियों को शामिल करते हुए एक विनाशकारी युद्ध का रूप ले सकता है।
