सतना: शहर में नकली नोट खपाने वाले गिरोह की सक्रियता एक बार फिर सामने आई है। इस बार ठगों ने जिला अस्पताल को निशाना बनाया। गुरुवार सुबह ओपीडी में उमड़ी भीड़ के बीच एक अज्ञात व्यक्ति 100 रुपए का नकली नोट देकर पर्ची कटवाने में सफल रहा। यह मामला तब उजागर हुआ जब दोपहर में कैश मिलान के दौरान नोट संदिग्ध पाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार की सुबह जिला चिकित्सालय के ओपीडी काउंटर में आशीष, पुष्पेंद्र, नीरज, सचिन और साधना की ड्यूटी लगी हुई थी।मरीजों और परिजनों की भारी भीड़ के कारण काउंटर पर तेजी से लेन-देन हो रहा था। इसी दौरान एक व्यक्ति ने 100 रुपए का नोट देकर ओपीडी पर्ची बनवाई। नोट पहली नजर में पूरी तरह असली प्रतीत हुआ, इसलिए काउंटर ऑपरेटर आशीष शुक्ला को कोई संदेह नहीं हुआ।
दोपहर में ओपीडी का समय पूरा हो जाने के बाद लगभग डेढ़ बजे जब नोटों की अलग अलग गड्डियां बनाकर गिनती शुरू की गई तो 100 रु के एक नोट पर शक हुआ। जांच में पाया गया कि नोट का कागज सामान्य नोट की तुलना में कमजोर था और उसमें सुरक्षा संबंधी कई विशेषताएं नहीं थीं। अलग-अलग एंगल से परीक्षण के बाद नोट के नकली होने की पुष्टि हुई। ओपीडी काउंटर के ऑपरेटर आशीष शुक्ला ने बताया कि नकली नोट मिलने की यह घटना पखवाड़े भर में दूसरी बार सामने आई है। इससे पहले भी मामले की जानकारी अस्पताल प्रबंधन के माध्यम से संबंधित बैंक को दी जा चुकी है।
सिविल सर्जन को दी लिखित सूचना
मामले की पुष्टि होने पर ओपीडी काउंटर के कर्मचारियों द्वारा घटना की लिखित सूचना सिविल सर्जन डॉ अमर सिंह को दे दी गई। चूंकि ओपीडी संचालन आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से किया जाता है, इसलिए जमा राशि की जिम्मेदारी भी संबंधित संस्था की होगी। लिहाजा नकली नोट को नियमानुसार रोगी कल्याण समिति के खाते में जमा कर आवश्यक प्रतिवेदन के साथ प्रबंधन को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
